जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ ने मंदसौर नगर के 200 तपस्वियों का बहुमान किया

9:59 pm or September 18, 2022

महावीर अग्रवाल

मंदसौर 18 सितम्बर अभीतक । आचार्य श्री पीयूषभद्रसुरिश्वर जी महाराज साहब, राष्ट्रसंत श्री कमल मुनि जी कमलेश की पावन निश्रा में जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के तत्वावधान में पद्मावती परिणय रिसोर्ट में स्व. श्री महेंद्र चोरड़िया की पुण्य स्मृति में चौरडिया परिवार मंदसौर के द्वारा सिद्धि तप, वर्षी तप, मास खमण, व आठ उपवास से लेकर 47 उपवास तक करने वाले लगभग 200 तपस्वियों का सम्मान किया गया।

इस मौके पर समाजसेवी कमल कोठारी, सिद्धार्थ कोठारी परिवार के द्वारा सभी तपस्वी को चांदी के सिक्के भी बहुमान के मौके पर प्रदान किए गए। जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ ने अभिनंदन पत्र भेंट किया तथा सभी तपस्वियों को शाल ओढ़ाकर व माला पहनाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संतोष मेहता, राष्ट्रीय संगठन प्रमुख राजेश मानव नीमच, अभय चोपड़ा, राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र करणपुरिया, वीरेंद्र जैन, राष्ट्रीय प्रबंधक प्रसन्न लोढ़ा, गौतम जैन, अभय बागरेचा, सुनील रायपुरिया, राष्ट्रीय पदाधिकारी मंगेश भाचावत, दिलीप डांगी कमल कोठारी, विजय बंबोरिया, सुनील जैन, डॉ. अरविंद जैन, जिला पदाधिकारीगण अभय पोखरना, शैलेन्द्र चौरड़िया, पारस मेहता, पंकज जैन रंगोली आदि पदाधिकारियों एवं चौरड़िया परिवार के सदस्यों व कोठारी परिवार के सदस्यों ने भी सभी सदस्यों का बहुमान किया।
                      आचार्य श्री पियुषभद्रसुरिश्वर जी म.सा. ने कहा कि तप करना जैन धर्म ही नहीं बल्कि संसार के सभी धर्मों में श्रेष्ठ कर्म माना गया है। मंदसौर के जैन धर्मालूजनों ने भी पर्युषण पर्व व उसके पूर्व चातुर्मास काल में तपस्या की हैं उनकी तप की जितनी अनुमोदना की जाए वह कम है। जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ एवं तपस्या की अनुमोदना के लिए सबसे अग्रणी रहने वाले मंदसौर के चौरड़िया व कोठारी परिवार ने आज अनुकरणीय कार्य किया है। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक व स्थानकवासी जैन परंपरा के सभी तपस्वियों को एक ही कार्यक्रम में आमंत्रित कर उनका जो बहुमान किया है ऐसे आयोजनों से समाज में एकता सुदृढ़ होती है ।
                      राष्ट्रसंत श्री कमलेश मुनि जी कमलेश ने कहा कि तपस्वियों के तप की अनुमोदना करनी चाहिए। तप करने से कर्म खपते हैं तथा कर्मों की निर्जरा होती है।हमें अपने जीवन में तप के मार्ग को अपनाना चाहिए लेकिन किसी भी कारण से यदि हम तप नहीं कर पा रहे हैं तो हमें तप की अनुमोदना तो करनी ही चाहिए लेकिन यदि कोई तप करता है तो उस व्यक्ति की निंदा करने से बचना चाहिए। तप करने वाले के उत्साह को कम करने का प्रयास कदापि नहीं करना चाहिए। आपने इस मौके पर सिन्दपन स्टेशन ग्राम में बन रही कमल दिवाकर गौशाला की जानकारी भी दी व सभी से इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का आह्वान किया ।
                     कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री संतोष मेहता ने कहा कि एक साथ लगभग 200 तपस्वियों को एक ही स्थान पर बुलाकर उनका अभिमान करना मंदसौर जैसी धर्मनिष्ठ नगरी में ही संभव है । मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते कार्यक्रम के लाभार्थी परिवारों को साधुवाद देता हूं। आपने इस मौके पर स्व. श्री महेंद्र चौरड़िया की स्मृतियों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में पधारे तपस्वियों के साथ ही सभी अतिथियों का भी मंदसौर के विभिन्न जैन श्वेतांबर मंदिरों के पदाधिकारियों और मंदसौर के जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के पदाधिकारियों के द्वारा माला पहनाकर व तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन कमल कोठारी और सुनील जैन फ्लाइकिंग ने किया तथा आभार प्रमेन्द्र चौरड़िया ने माना।
                  कार्यक्रम में विजय बंबोरिया, दिलीप राका, बाबूलाल जैन चोमेहलावाला, बड़े साथ ओसवाल समाज अध्यक्षअजीत संघवी, मुकेश धींग, शिखर धींग, पायल महेश जैन, छोटेलाल जैन, पारसमल जैन सुवासरा वाले, आर.सी जैन, अमित छिंगावत, पियुष जैन पानवाला, प्रो. अशोक अग्रवाल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।