टाईगर, तेंदुआ और गिद्धों की संख्या में मप्र नं. वन  – वन मंत्री  विजय शाह

मयंक भार्गव
खण्डवा ३० मार्च ;अभी तक;  भारत के किसी भी प्रदेश की तुलना में मध्यप्रदेश में सर्वाधिक बाघ हैं। प्रदेश में बाघ की कुल संख्या 526 पहुँचने से इसे ‘‘टाईगर स्टेट‘‘ का दर्जा प्राप्त है। अगले साल फिर से बाघों और तेन्दुओं की गणना होगी।
                     प्रदेश के वन मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने बताया कि  संरक्षित क्षेत्र नेशनल पार्क टाईगर रिजर्व में  बाघ तेजी से बढ़ रहे हैं। टाईगर स्टेट का दर्जा दिलाने में अति विशिष्ट योगदान देने वाली पेंच टाईगर रिजर्व की बाघिन ‘‘कॉलर कली‘‘ के नाम विश्व में सर्वाधिक संख्या में प्रसव और शावकों के जन्म का अनूठा कीर्तिमान है। श्री शाह ने कहा कि प्रदेश में 3 हजार 431 तेन्दुए होने का आंकलन है, जो किसी भी राज्य से अधिक होने के साथ ही भारत में उपलब्ध तेन्दुओं की संख्या का 25 फीसदी है। प्रदेश में तेन्दुए की आबादी में 80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई, जबकि देश में 60 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।

इसी तरह पिछली गणना में प्रदेश में तकरीबन 9 हजार 446 गिद्ध पाए गए हैं। पिछले दो साल में गिद्ध की संख्या में एक हजार 49 का इजाफा हुआ है। गिद्धों की संख्या के मामले में प्रदेश नं. वन हैं।घड़ियालों की गणना का कार्य भी चल रहा है। प्रदेश के घड़ियाल अभयारण्यों और अन्य जल-क्षेत्रों में 1800 घड़ियाल चिन्हित किए जा चुके हैं। घड़ियाल संख्या के मामले में भी मध्यप्रदेश के पहले स्थान पर आने की संभावना उन्होने जताई।
वन मंत्री ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अफ्रीकी चीते को देश में उपयुक्त संरक्षित क्षेत्र में स्थापित करने की अनुमति दी गई है। भारतीय वन्य-जीव संस्थान, देहरादून ने प्रदेश के कूनो और गांधी सागर अभयारण्य को चीते के रहवास के लिए के लिए मुफीद माना है। इस दिशा में कार्यवाही प्रचलन में है।

‘‘ जैसा कि ‘‘निशा सफारी‘‘ नाम से ही स्पष्ट है। पर्यटक बफर क्षेत्र में सूर्यास्त के 4 घंटे बाद तक वनों और वन्य- प्राणियों की रात्रि कालीन गतिविधियों को देख सकेंगे।  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चैहान ने 24 नवम्बर 2020 को बाँधवगढ़ में पर्यटन की केबिनेट में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के निर्णय पर मुहर लगाई थी। ठीक एक माह में दिसम्बर की 25 तारीख को यहां ‘‘हाट एयर बैलून सफारी‘‘ का शुभारंभ किया े गया। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में ‘‘नाइट सफारी‘‘ भी एक महीने के अन्दर शुरू हो गई।

उन्होने बताया कि कान्हा, पेंच एवं सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में भी टाईगर सफारी योजना को मूर्तरूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटकों के लिए कान्हा, बाँधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा और पेंच टाईगर रिजर्व में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।

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