ट्रेन से गांजा लाने वाले को सवा तीन साल का कारावास

मयंक भार्गव

बैतूल २५ दिसंबर ;अभी तक;  लगभग सात साल पहले छत्तीगसढ़ एक्सप्रेस से 5 किलो गांजा अवैध रूप से आमला लाने वाले महाराष्ट्र के नागपुर जिला निवासी एक युवक को जिला एवं सत्र न्यायालय ने 3 साल 3 महीने 12 दिन के सश्रम कारावास से दंडित किया। इसके साथ ही आरोपी पर 5 हजार रूपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदण्ड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा। जीआरपी थाना आमला के इस मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने की।

गांजा लाते सात साल पहले पकड़ाया था आरोपी

जिला न्यायालय के वरिष्ठ लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने बताया कि लगभग 7 साल पहले 14 दिसंबर 2014 को जीआरपी आमला को सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहा एक युवक पीली कुप्पी में गांजा ले जा रहा है। सूचना मिलने आमला स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम आमला स्टेशन पर तैनात हो गई। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के आमला पहुंचने पर उक्त युवक स्वयं ही पीली कुप्पी लेकर आमला स्टेशन पर उतर गया। जिसे जीआरपी आमला की टीम ने हिरासत में लिया।

कुप्पी में भरकर ला रहा था 5 किलो गांजा

जीआरपी आमला की टीम ने युवक को हिरासत में लेकर उसकी तलाशी ली। युवक के पास मौजूद पीली कुप्पी में 5 किलो गांजा मिला था। युवक ने अपना नाम सचिन बनखेड़े पिता रमेश बनखेड़े निवासी ग्राम किलोना तह. नरखेड़ जिला नागपुर बताया था। जीआरपी आमला ने सचिन बनखेड़े के खिलाफ धारा 8 (सी) 20 (बी) 2 (बी) स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया था। जीआरपी आमला द्वारा उक्त प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

इस मामले में सुनवाई के पश्चात् प्रधान सत्र न्यायाधीश द्वारा फैसला सुनाया गया जिसमें आरोपी सचिन बनखेड़े पिता रमेश बनखेड़े को 3 साल 3 माह 12 दिन के सश्रम कारावास और 5 हजार रूपए अर्थदण्ड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी वरिष्ठ लोक अभियोजक नितिन मिश्रा द्वारा की गई।