डकैती की योजना बनाने वाले 02 आरोपीयों को 05-05 वर्ष का कारावास।

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / जावद  ३ जनवरी ;अभी तक;  श्रीमान अनुज कुमार मित्तल, अपर सत्र न्यायाधीश, जावद के द्वारा घातक हथियारों से सुसज्जित होकर डकैती की योजना बना रहे आरोपीगण (1) आकाशनाथ पिता मिट्ठूनाथ कालबेलिया, उम्र-29 वर्ष, निवासी-ग्राम चरलिया, थाना निम्बाहेड़ा, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) व (2) हरिनाथसिंह पिता बापूनाथसिंह कालबेलिया, उम्र-31 वर्ष, निवासी-ग्राम रामाखेड़ा, थाना सीतामऊ, जिला मंदसौर को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 402 एवं आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25 के अंतर्गत भुगते हुए 05-05 वर्ष के कारावास एवं 1000-1000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया।
श्री दिनेश वैद्य, अपर लोक अभियोजक द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 09 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 02.04.2012 को रात्रि लगभग 03 बजे पतवारिया खान, नयागांव शमशान के पास, बागेड़ा रास्ते की है। नयागांव चैकी प्रभारी एएसआई नरेन्द्रसिंह सेंगर को मुखबिर सूचना मिली की पतवारिया खान, नयागांव शमशान के पास, बागेड़ा रास्ते के किनारे 05 अज्ञात बदमाश हथियारों से लैस होकर लक्ष्मीलाल धाकड़, निवासी नयागांव के मकान पर डकैती डालने की योजना बना रहें हैं। मुखबिर सूचना विश्वसनीय होने से एएसआई नरेन्द्रसिंह सेंगर द्वारा मय फोर्स मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर दबिश दिये जाने पर एक बाल अपचारी सहित कुल 5 आरोपीगण जिनके पास कट्टा, तलवार, चाकू व धारिया जैसे घातक हथियार थे वह आपस में डकैती डालने की योजना बना रहे थे, जिसमें से 01 आरोपी मौके से भागने में सफल रहा व शेष 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घातक हथियारों की जप्ती की गई। मौके कि कार्यवाही किये जाने के पश्चात् वापस थाना जावद में असल कायमी अपराध क्रमांक 77/2012, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 402 एवं आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25 के अंतर्गत की गई। बाल अपचारी के विरूद्ध बाल न्यायालय में अभियोग प्रस्तुत किया गया एवं 02 आरोपीगण नेपालनाथ कालबेलिया व आजाद उर्फ आजादिया कालबेलिया के फरार होने से शेष 02 आरोपीगण के संबंध में विचारण उपरांत निर्णय पारित किया गया।
अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान विवेचक, जप्ती अधिकारी, फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपीगण द्वारा घातक हथियारों से लैस होकर डकैती करने की तैयारी करने के अपराध को प्रमाणित कराकर कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 402 एवं आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25 के अंतर्गत भुगते हुए 05-05 वर्ष के कारावास एवं 1000-1000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री दिनेश वैद्य, अपर लोक अभियोजक, जावद द्वारा की गई ।