डाइट रायसेन में आईईडी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

दीपक कांकर

रायसेन, 23 दिसम्बर ;अभी तक;  समावेशी शिक्षा के माध्यम से यह लक्ष्य तय किया गया है कि सामान्य बच्चों के साथ ही दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। वहीं जो बच्चे स्कूल आने में असमर्थ हैं उन्हें उनके घर पर ही शिक्षा प्रदान की जाए। मैदानी अमला शासन की इस मंशा को कार्यरूप देने के लिए सतत रूप से कार्य करे। यह बात जिला शिक्षा केन्द्र के डीपीसी श्री सीबी तिवारी ने डाइट रायसेन में चल रही तीन दिवसीय आईईडी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। डाइट में जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित की जा रही समावेशी शिक्षा के क्रियान्वयन के लिए बीएसी, सीएसी एवं एमआरसी के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का तीन दिवसीय आयोजन किया  गया है।

कार्यशाला के दूसरे दिन डाइट में प्रशिक्षणार्थियों को बारीकी से दिव्यांग बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा प्रक्रिया से अवगत कराते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़े जाने के लिए प्रेरित किया गया। डीपीसी श्री सीबी तिवारी ने कहा कि अकादमिक दल के सभी सदस्य अनिवार्यतः गांवों के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ें ताकि वे भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं आ सकते उन्हें ब्लाकों में पदस्थ एमआरसी होम बेसेस एजुकेशन के तहत घर जाकर पढ़ाएं। कार्यशाला में एपीसी आरएस श्रीवास्तव ने दिव्यांगों की विभिन्न संचालित योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। सामाजिक न्याय विभाग की प्रतिनिधि ने भी कार्यशाला में मौजूद रहकर योजनाओं को बताया। इस मौके पर जिला शिक्षा केन्द्र एवं डाइट के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को भी होगा।