डेंगू के वास्तविक हालात छुपा रहा है जिला प्रशासन, निजी पेथालॉजी एवं अस्पतालो के आंकडे भी शामिल करे स्वास्थ्य विभाग

महावीर अग्रवाल
मंदसौर 3 अक्टूबर अभी तक ;  लगातार जिला स्वास्थ्य विभाग एवं जिला चिकित्सालय का प्रबंधन डेंगू नियंत्रण में विफल साबित हो रहा है। जिला चिकित्सालय में दर्ज आंकडे एवं जमीनी हकीकत में जमीन आसमान का अंतर है। निजी पेथालॉजी सेंटरो पर पोजोटीव डेंगू की जांचो के अलावा निजी चिकित्सालयो में इलाजरत मरिजो की बडी संख्या को अगर जोड दिया जाये तो हालात काफी खराब है लेकिन उसके बावजुद स्वास्थ्य विभाग स्वयं को अलर्ट बताने में उर्जा खर्च कर रहा है वही नगर पालिका परिषद सिर्फ कागजो में एक्टीवीटी बताकर अपने दायित्वो से मुंह मोड रही है। जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुये एसडीपी मशीन स्थापना हेतु भी रूचि दिखाये जिससे मरिजो को प्लेटेटस के मामले में राहत मिल सके।
             यह बात जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष श्री सुरेश भाटी ने कही। उन्होनें जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओ पर रोष प्रकट करते हुये कहा कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं सीएस के बीच समन्वय नही है। सीएस सहित अन्य जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर अपने क्लिनिक पर मरिजो को देखकर उन्हे जिला चिकित्सालय में बेहतर स्थान उपलब्ध करवा रहे है जबकी आम नागरिक एवं सीधे जिला चिकित्सालय में आने वाले नागरिको को स्थान तक के लिये संघर्ष करना पड रहा है। उन्होनें डेंगू के हालात काफी समय से बने रहने के बावजुद एसडीपी मशीन ( सिंगर डोनर प्लेलेट्स ) की स्थापना के लिये जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियो की उदासीनता से आम नागरिको को बाहर जाकर व्यवस्था जुटानी पड रही है।
              श्री भाटी ने कहा कि हमारे सामने अनेक ऐसे मामले सामने आये है जिसमें जिला चिकित्सालय में मरिज की जांच रिपोट एवं निजी पेथालॉजी सेंटर पर की गयी जांच रिर्पोट में अंतर है। निजी पेथालॉजी सेंटर पर जांचो में पोजोटीव मरिजो का औसत ज्यादा है जबकी जिला चिकित्सालय की पेथालॉजी की रिर्पोट नेगेटिव ज्यादा बता रही है ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की आंकडो में जादूगरी को समझा जा सकता है। उन्होनेें जिला प्रशासन से निजी पेथालॉजी सेंटरो एवं चिकित्सालयो में भर्ती मरिजो का आंकडा प्राप्त करने एवं वास्तविक जमीनी हालात से समझने का आग्रह करते हुये जिला चिकित्सालय में डेंगू मरिजो के लिये अतिरिक्त व्यवस्था करने एवं अन्य मूलभूत सुविधाओ को बढाने की अपील जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग से की है