डेढ माह बीत जाने के बावजूद स्थानान्तरित वन विभाग के कर्मचारी आखिर अभी तक क्यो नही हो रहे भार मुक्त

8:33 pm or November 13, 2022
(दीपक शर्मा)

पन्ना १३ नवंबर ;अभी तक; जिले के वन विभाग मे विभिन्न स्थानो पर वर्षो से जमें कर्मचारीयों के स्थानान्तरण मध्य प्रदेश सरकार स्थानान्तरण नीति के तहत जिले के अन्दर प्रभारी मंत्री की अनुसंशा पर पन्ना जिले के आधा सैकडा से अधिक कर्मचारीयों को इधर से उधर किया गया था। लेकिन स्थानान्तरण के लगभग डेढ माह बीत जाने के बावजूद संबंधितो को भारमुक्त नही किया गया है, आखिर क्यो।
                         इस बात को लेकर जन चर्चा है कि संबंधित स्थानीय कर्मचारी अपने अपने दांव, पेच लगाकर किये गये स्थानान्तरण को निरस्त कराने मे लगें हुए है तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहें है। जिससे संबंधित स्थान पर ही जमे रहें। गौर तलब है कि अधिकांश वन रक्षक जिन्हे वन विभाग के फील्ड मे होना चाहीए वह कार्यालयो मे लिपिक का कार्य कर रहें है तथा कमाई भी कर रहे है जिससे वह कार्यालय से फील्ड मे नही जाना चाहते, इसके अलाव अनेक कर्मचारी मालदार बीटो मे जमें है जहां पर वृक्षा रोपण, निर्माण कार्य सहित अवैध उत्खनन सहित अन्य कार्यो मे मोटी कमाई कर रहे है जिससे उनका मोह संबंधित स्थान से खत्म नही हो रहा और वह किसी भी स्थिती मे अपना स्थानान्तरण निरस्त कराने मे लगे हुए है जबकी प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर संबंधितो के स्थानान्तरण इस दृष्टी से किये गये थे की जो बीटे खाली है वहां पर कर्मचारीयों की पदस्थ किया जाये। जिससे अवैध उत्खनन, अवैध कटाई तथा अवैध शिकार रोका जा सकें। कर्मचारी टाईगर रिजर्व उत्तर वन मंडल, दक्षिण वन मंडल तीनो वन क्षेत्रो से इधर उधर किये गये थे। आगें देखना है कब तक संबंधितो को भारमुक्त किया जाता है।
                                   इनका कहना हैः-यदि संबंधित कर्मचारीयों के स्थानान्तरण किये गये है तो उन्हे भारमुक्त होना ही पडेगा, मे पता करता हू आखिर अभी तक स्थानान्तरण होने के बाद संबंधितो को क्यो भार मुक्त नही किया गया है, क्या समस्या है।
संजीव झा मुख्य वन सरंक्षक छतरपुर वृत्त