डॉ तुलेन्द्र लिल्हारे एवं डॉ आदित्य बढ़ई को कोविड-19 की सेवा से किया गया पृथक

आनंद ताम्रकार

 बालाघाट एक सितम्बर ;अभी तक;       कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने कोविड-19 अस्थाई सेवा में नियोजित बीडीएस डॉ तुलेन्द्र लिल्हारे एवं डॉ आदित्य बढ़ई द्वारा अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें तत्काल कोविड-19 अस्थायी सेवा से पृथक कर दिया है।

       वार्ड नंबर-13 कोसमी निवासी बीडीएस डॉ तुलेन्द्र लिल्हारे एवं होटल मिडटाउन के पीछे गोंदिया रोड निवासी डॉ आदित्य बढ़ई को कोविड-19 अस्थायी सेवा के अंतर्गत 89 दिवस के लिए जिला चिकित्सालय बालाघाट में नियोजित किया गया था। कोविड-19 वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नगरीय क्षेत्र बालाघाट के नवेगांव थाना चेक पोस्ट पर शिविर लगाकर इन चिकित्सकों की ड्यूटी नगर में प्रवेश करने वाले लोगों के कोविड सैम्पल लेने के लिए माह अगस्त में लगाई गई थी। लेकिन यह दोनों चिकित्सक शिविर स्थल पर उपस्थित नहीं हुए। जिसके कारण नवेगांव चेक पोस्ट पर शिविर प्रारंभ नहीं हो सका है। जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय द्वारा दोनों चिकित्सकों को समक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। लेकिन उनके द्वारा कोविड टेस्ट के लिए सैंपल लेने का कार्य किये जाने इंकार किया गया है।

       वैश्विक कोविड-19 महामारी के इस दौर में इन दोनों चिकित्सकों द्वारा कोविड-19 वायरस के रोग प्रबंधन को गंभीरता से न लेकर अपने कर्त्तव्य के प्रति घोर लापरवाही गई है, जो कि कदाचरण की श्रेणी में आता है। इन चिकित्सकों की घोर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर श्री आर्य ने इन दोनों चिकित्सकों को कोविड-19 अस्थायी सेवा से तत्काल प्रभाव से पृथक कर दिया है।