डोल ग्यारस पर्व की शोभायात्रा पर रहा कोरोना का ब्रेक भगवान के डोले का नही हुआ जल विहार

11:02 pm or August 29, 2020

मंडला से सलिल राय

मंडला २९ अगस्त ;अभी तक; पूर्वी मध्यप्रदेश का धार्मिक आस्था से अपनी पहचान बनाये डोल ग्यारस पर्व मण्डला में आज सदियों से अपनी विष्ठटता के लिए जाना जाता हैं मण्डला का डोल ग्यारस पर्व प्रदेशभर में जाना जाता हैं । डोल ग्यारस पर्व में मंदिरों में विराजित श्रीकृष्ण राधा श्री राम जानकी की मूर्तियों को लकड़ी के बने डोलो पर विराजित कर श्रद्धालुओं द्वाराअपने कंधों में रखकर नगर भर में भृमण कराते शाम को स्थानीय गांधी चौक रंगरेज घाट में सजी धजी नावों में रखकर पुण्य सलिला जीवन दायनी माँ नर्मदा नदी में जल विहार की यहाँ प्राचीन परंपरा को आज कोविड 19 ने ब्रेक लगा दिया हैं।

कोरोना संक्रमण के बचाव नियमो के चलते आज डोल नही निकले मण्डला नगर निरीक्षक श्री दोहरे ने बताया कि डोल ग्यारस पर आज मंदिरों में ही पूजा उपासना कर वही रखा गया।

मण्डला में हर साल आज की तिथि में गांधी चौक में जहाँ भगवान के नक्कासीदार डोलो में विराजित कर भगवान की मूर्तियो के दर्शन और यहाँ मेले का आयोजन मे बड़ी संख्या में जिले सहित प्रदेश के अनेक स्थानों से श्रद्धालुओं मण्डला पहुचते थे कहा जाये तो मण्डला के डोल दर्शन अपनी एक अलग पहचान रखता हैं।

मण्डला की डोल ग्यारस परम्परा में अति प्राचीन डोलो में श्री राममंदिर बड़ चौराहा में विश्वकर्मा परिवार पड़ाव वार्ड के राम मंदिर झा वार्ड लालीपुर महाराजपुर श्रीराधाकृष्ण मंदिर बुधवारी सहित अनेक मंदिरों से डोल की शोभायात्रा इसबार नही निकल सकी हैं।

Related Articles

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *