डोड़ाचूरा को एनडीपीएस एक्ट से मुक्त किया जाए, भारतीय किसान संघ ने दिया ज्ञापन

5:51 pm or September 15, 2020
डोड़ाचूरा को एनडीपीएस एक्ट से मुक्त किया जाए, भारतीय किसान संघ ने दिया ज्ञापन
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १५ सितम्बर ;अभी तक;  भारतीय किसान संघ द्वारा राष्ट्रव्यापी आव्हान के तहत पूरे देश में किसानों की मांगों के संबंध में ज्ञापन दिये गये। इसी तारतम्य में भारतीय किसान संघ जिला इकाई मंदसौर द्वारा जिले की चारों तहसीलों में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को दिये गये।
                    ज्ञापन में केन्द्र व राज्य सरकार जो मांगे की गई उनमें मुख्य रूप से अफीम नीति 25 सितम्बर 2020 से पहले तय की जाये, अफीम पट्टा वितरण पर मार्फीन पद्धति समाप्त की जाये। 54 किलो हेक्टर की औसत के मान से पट्टे किसानों को वितरित किये जाये। 1996 से जिन किसानों के अफीम  पट्टे रोगग्रस्त व शीतलहर से जो फसल खराब हो गई थी उन किसानों को भी पट्टे दिये जाये। प्रत्येक किसान को दस आरी के पट्टे ही दिए जाए। फसेल पैदा करने पर बीज, खाद, मजदूर, रखरखाव महंगा हो गया है इसलिये अफीम के भाव 10,000 रूपये प्रति किलो किये जाये। डोड़ाचूरी में 0.02 पाईंट अफीम रहती है याने नहीं के बराबर। यह जीवन रक्षक औषधि के रूप में काम आती है इसलिये केन्द्र सरकार डोड़ाचूरी को एनडीपीएस एक्ट से मुक्त किया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाओं में खेत को इकाई माना जाए। कृषि कार्य में लगने वाले सभी यंत्रों एवं रासायनिक दवाईयां, बीज पर जीएसटी की दर न्यूनतम की जाए। बैंकों द्वारा कृषि लोन एवं केसीसी देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर ऑनलाईन किया जाये। पर्याप्त दस्तावेज के बाद भी किसान को परेशान करने  पर जवाबदेही निश्चित की जाये। सभी जिलों में कृषि महाविद्यालय खोले जाये छोटी कक्षाओं में कृषि विज्ञान की पढ़ाई कराई जाये। बलराम तालाब योजना चालू की जाए, किसानों को 14 घंटे थ्री फेस बिजली उपलब्ध कराई जाये। जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने के लिये एंबुलंेस सेवा शुरू कर 24 घण्टे में ट्रांसफार्मर बदले जाये। प्रत्येक जिले में खाद बीज दवाई के लिये लैब स्थापित की जाये। सभी कृषि उपज मंडियों में उपज समर्थन मूल्य पर विक्रय के लिये मंडियों में आधुनिक मानक परीक्षण एवं ग्रेडिंग मशीने लगाई जाये। खरीद में यूरिया कमी ना रहे समय से पूर्व उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कृषि यंत्रों पर अनुदान एवं कोटा बढ़ाया जाए। जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिये तार फेंसिंग पर अनुदान दिया जाए। गिरदावरी के लिये ऐप बनाया जाए जिसमें किसान अपनी फसल की जानकारी अपलोड कर सके। बीजों की माणक प्रमाणिकता सत्यापित होने पर ही बाजार में बेचने की अनुमति दी जाये। 2019 का शेष किसानों का फसल बीमा का भुगतान त्वरित किया जाये। कृषि मंडियों में मंडी संचालक एवं व्यापारियों के अनुसार मंडी का संचालन हो रहा है। कृषि संबंधी बैठकों में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया जाये। जो छोटे किसान कट्टे बोरियों में माल मंडी लेकर पहुंचता है उसका नीचे माल खाली करने पर नीलाम नहीं किया जाता। जबकि राजनैतिक धरना प्रदर्शनों, रैलियों, होटलों में शासन का कोई प्रतिबंध नहीं हैं इसलिये मण्डी में जो उपज कट्टों में आती है उसे नीचे खाली कर निलाम की जाये। किसानों की आवाज को शासन व प्रशासन द्वारा दबाया नहीं जाये।
ज्ञापन देते समय जिलाध्यक्ष भंवरसिंह पंवार, प्रांतीय सदस्य उदयराम धनगर, जिला उपाध्यक्ष बद्रीलाल पाटीदार, कार्यालय मंत्री मदनंिसह सिसौदिया, तहसील अध्यक्ष भंवरलाल कुमावत, लक्ष्मीनारायण, मांगीलाल विश्वकर्मा सहित अनेक किसान उपस्थित थे।

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