तिहरे हत्याकाण्ड  में हुआ तिहरा आजीवन कारावास

4:36 pm or June 16, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल १६ जून ;अभी तक;  एक सिरफिरे युवक ने विवाद होने पर सब्बल नुमा लोहे की राड से पहले पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने दो महिलाओं को भी इसी सब्बल से मौत के घाट उतार दिया था। घटना को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने सबूत और गवाहों का परीक्षण करने के उपरांत आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि के अपराध में तिहरा आजीवन कारावास, धारा 307, 450 भादवि के अपराध में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 17,000 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में मप्र शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी एसपी वर्मा एवं एडीपीओ अभय सिंह ठाकुर द्वारा पैरवी की। प्रकरण चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज की सूची में सम्मिलित था। यह घटना जयप्रकाश वार्ड में घटित हुई थी।

सजा के साथ किया जुर्माना

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बैतूल के न्यायालय ने आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बैतूल ने एक पुरूष एवं दो महिलाओं की हत्या करने वाले आरोपी संतूलाल पारधे पिता फत्तू पारध (43) वर्ष निवासी जयप्रकाश वार्ड बैतूल थाना गंज बैतूल जिला बैतूल को धारा 302 भादवि के अपराध में तिहरा आजीवन कारावास, धारा 307, 450 भादवि के अपराध में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 17,000 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में मप्र शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी एस पी वर्मा एवं एडीपीओ अभय सिंह ठाकुर द्वारा पैरवी की गयी। प्रकरण चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज की सूची में सम्मिलित था।

३ को एक साथ उतारा था मौत के घाट

घटना के सम्बंध में बताया कि आरोपी संतूलाल पारधे मृतक फत्तूलाल का पुत्र है। आरोपी के घर के बगल में मृतिका गुंताबाई एवं मृतिका रितिका झरवाड़े का मकान था। दिनांक 20 अप्रैल 2021 के दोपहर करीब 12 बजे फरियादिया मोना खातरकर जो कि आरोपी संतूलाल पारधे की घर के बगल में ही रहती है, को आवाज आई तब फरियादिया उसके घर के बाहर निकली तो उसने देखा कि संतुलाल उसके पिता फत्तू को लोहे की राड जैसी सब्बल से उसके सिर पर मारपीट कर चोट पहुंचा रहा था, फत्तू उसके घर के सामने गिरा हुआ था। खून से लथपथ था उसके बाद संतूलाल ने पड़ोसी गुंता के घर में घुसकर गुंताबाई को सिर में लोहे की राड़ से मारा वह भी राड लगने से गिर पड़ी थी। इसके बाद गुंता बाई के किचन में जाकर संतूलाल ने रितिका झरबड़े के सिर पर लोहे की रॉड से मारपीट कर सिर में चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी।

मोहल्ले के लोगों के आने पर भागा था आरोपी

यह देखकर फरियादिया चिल्लाई तो संतूलाल पारधे फरियादिया के पीछे लोहे की राड लेकर उसे जान से मारने दौड़ा फरियादिया चिल्लाई तो मोहल्ले के प्रदीप बडोदे एवं पंकज मर्सकोले दौड़े तो संतूलाल पारधे उसके घर में घुसा और लोहे की राड जैसी सब्बल को उसके घर में रखकर नदी तरफ भाग गया। मोना के भाई मोहित खातरकर ने पुलिस को सूचना दी। फिर मोहल्ले के लोग फत्तू पारधे, गुंता एवं रितिका झरबड़े को आटो में रखकर जिला अस्पताल बैतूल ले गए जहा डाक्टर ने फत्तू पारधे, गुंता पारघे एवं रितिका झरबड़े को मृत घोषित कर दिया। मोना खातरकर की रिपोर्ट पर पुलिस थाना गंज बैतूल में आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।

अभियोजन ने प्रमाणित किया मामला

आवश्यक अनुसंधान उपरात अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास एवं 17,000 रूपये से दण्डित किया जिला अभियोजन कार्यालय में पदस्थ धर्मराज मर्सकोले सहायक ग्रेड-3 एवं पुलिस थाना गंज में पदस्थ आरक्षक कमांक 633 कमलेश डहेरिया ने प्रकरण के विचारण मे आवश्यक सहयोग प्रदान किया।

कराया था डीएनए परीक्षण

डीएनए परीक्षण से घटना की हुई पुष्टि अनुसंधान के दौरान मृतकगण के खून आलूदा कपड़े, आरोपी से जप्तशुदा सम्बल एवं आरोपी की खून लगी शर्ट डीएनए परीक्षण हेतु क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, भोपाल भेजी गयी थी जिसकी रिपोर्ट के आधार यह प्रमाणित हुआ कि मृतकगण का खून, आरोपी के कपड़े एवं सम्बल में मौजूद मिला था। पुलिस थाना गंज के द्वारा तत्परतापूर्वक विवेचना करते हुए आरोपी के विरूद्ध प्रकरण का अभियोग पत्र दिनांक 12 अगस्त 2021 को प्रस्तुत हुआ था। न्यायालय द्वारा 10 माह में विचारण पूर्ण कर आरोपी को दोष सिद्ध किया गया।