तीन आदिवासी बहनों के एक साथ फांसी लगाने के ममले में अब तक पुलिस के हाथ खाली

8:45 pm or July 28, 2022
खंडवा में तीन आदिवासी बहनों के एक साथ और एक ही रस्सी पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली है। पीएम रिपोर्ट में साफ तौर पर आत्महत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस घरेलू विवाद के एंगल पर जांच कर रही है। गुरुवार को मां-भाई व अन्य लोगों से पूछताछ कर बयान लिए गए। परिवार वालों ने किसी प्रकार के विवाद से इंकार कर दिया।
                       परिवार कोठाघाट गांव में जहां रहता है, वहां आसपास कई लोग आत्महत्या कर चुके है। ऐसे करीब एक दर्जन लोग है। यहां तक मृतका बहनों ने जिस पेड़ पर फांसी लगाकर जान दी। उसी पेड़ पर उनकी एक मौसेरी बहन ने भी रस्सी बांधकर
आत्महत्या का प्रयास किया था लेकिन परिवार वालों ने उसे बचा लिया था।
                  मंगलवार को जावर थाने के गांव कोठाघाट में सोनू पिता जामसिंह (22), छोटी बहन सावित्री (20) व ललिता (18) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब तक आत्महत्या का कारण नहीं निकल पाया।
                 मामले की जांच कर रहे डीएसपी हेडक्वार्टर अनिलसिंह चैहान ने बताया पारिवारिक विवाद के एंगल पर जांच की जा रही है। परिजन के बयान हुए है, वे यहीं बता रहे है कि बेटियों का स्वभाव आत्महत्या करने से दो घंटे पहले काफी अलग थी। यहां तक उन्होंने अपनी दो बड़ी बहनें चंपक पति वीरू निवासी कथया बंडा (झिरन्या के पास) व अनिता पति सुनील निवासी नसीराबाद से फोन पर एक घंटे तक बात की। मां हरलीबाई के पैरों में मेहंदी भी लगाई। यह रहस्य बना है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि तीनों बहनों ने सावन महीने में झूला बांधने के लिए लाई रस्सी को मौत के लिए चुन लिया।
                   डीएसपी अनिलसिंह चैहान ने बताया कि , सुसाइड के पीछे तात्कालिक विवाद ही प्रमुख वजह हो सकती है, परिवार वालों के बयान लिए है। उनके कथन से तो कोई ठोस वजह स्पष्ट नहीं हो रहीहै। तीनों बहने पेड़ पर चढ़कर लकड़ी काटने, रस्सी
बांधकर झूला बनने में एक्सपर्ट थी। वह सिंगोट के बाजार से नई रस्सी खरीदकर लाई थी, उस रस्सी से पेड़ पर झूला बांधने का कहा था। आपस में तीनों एक-दूसरे से घूल-मिलकर रहती थी। बहनों का एक-दूसरे से अच्छा लगाव था। कोई उन पर किसी बात को लेकर प्रेशर बना रहा था ऐसा कुछ भी नहीं है। ूमंगलवार को सिंगोट बाजार से घरेलू सामान के साथ ही रस्सी खरीदकर लाई
थी। इसी रस्सी से तीनों बहनों ने फांसी लगा ली। बाजार से देर से आने पर भाई ने सोनू को फटकार लगाई थी। इसके चलते सोनू, सावित्री और ललिता ने फांसी लगा ली। पुलिस ने सोनू का मोबाइल जब्त किया है। संभवतः इस मोबाइल से  सनसनीखेज मामले का खुलासाहो सकता है। तीनों के शव बुधवार दोपहर में पुलिस ने परिवार को सौंप दिए थे। सावित्री के शव को जिला अस्पताल से सुसराल वाले ग्राम खड़कली ले गए। यहां उन्होंने सावित्री का अंतिम संस्कार किया। इसी तरह से सोनू और ललिता का शव परिवार
के लोग कोटाघाट मानपुरा में लेकर गए। दोनों की एक साथ शव यात्रा निकाली गई। यहां स्थानीय घाट पर एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
                       इस मामले में अतिक्ति पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा ने पीडित परिवार में भाई और सावित्री के पति के बयान दर्ज किए हैं। एएसपी े बतायाकि मंगलवार को दोपहर में सोनू बाइक पर बैठाकर छोटी बहन सावित्री और ललिता को लेकर सिंगोट आई थी। यहां सिंगोट में लगे हाट में सोनू ने घर का कुछ सामान खरीदने के साथ ही एक रस्सी भी खरीदी थी। शाम में तीनों बाइक से घर पहुंचे थे। सोनू एसएसएन कालेज की छात्रा थी। वहीं ललिता ने पढ़ाई छोड़ दी थी। वह घरेलू काम के साथ ही खेत में मजदूरी भी करने जाती थी। सोनू खंडवा में होस्टल में रह रही थी। उसके मोबाइल पर होस्टल की छात्राओं का ग्रुप बना हुआ है। उसके मोबाइल से इस ग्रुप की जानकारी निकालने के बाद पुलिस ने होस्टल का पता लगाया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा
अलावा मोघट टीआइ ईश्वर सिंह चैहान को साथ लेकर होस्टल पहुंचीं। यहां छात्राओं से सोनू के कमरे की जानकारी लेने के बाद कमरे में सर्चिंग की गई। छात्राओं से भी सोनू के बारे में पूछताछ की गई।
                      इस हृदयविदारक घटना की जानकारी लगने पर प्रदेश के वनमंत्री विजय शाह ग्राम कोटाघाट पहुंचे। दुखी परिवार के लोगों से मिलकर उन्हें सात्वना दी। साथ ही घटना को लेकर जानकारी ली। इसी तरह से खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा और पंधाना विधायक राम दांगोरे मृतिकाओं के परिवार के लोगों से मिले। तीनों विधायकों ने घटना पर दुख जताते हुए उन्हें सात्वना दी।