तीन दिनों के आदिरंग 2021 उत्सव का हुआ समापन अंतिम दिन गुदुंब बाजा नृत्य ने मचाई धूम

7:50 pm or October 26, 2021
तीन दिनों के आदिरंग 2021 उत्स2व का हुआ समापन अंतिम दिन गुदुंब बाजा नृत्य2 ने मचाई धूम

आनंद ताम्रकार

बालाघाट (म. प्र.) २६ अक्टूबर ;अभी तक;

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत 23 से 25 अक्टूबर 2021 तक शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट के खेल मैदान में आदिरंग उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 25 अक्टूबर को रात्री में इस तीन दिवसीय आयोजन का समापन हो गया। समापन कार्यक्रम में प्रतिभागी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।
           तीन दिनों के इस कार्यक्रम में विशेष संकटापन्न जनजाति समूह बैगा के पारम्परिक खेलकूद की प्रतियोगिताओं के आयोजन के अलावा जनजातीय शिल्प कलाओं के विक्रय हेतु आदिशिल्प, जनजातीय संस्कृति के परिचय कराते चित्रों पर आधारित प्रदर्शनी आदिबिम्ब, पारम्परिक जनजातीय व्यंजनों के विक्रय के लिए आदिव्यंजन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रदेश के धार, झाबुआ, बैतूल, छिंदवाड़ा, मंडला, डिंडोरी, अनुपपुर, बड़वानी सहित 11 जिलों के जनजातीय कलाकारों ने अपनी शिल्प कलाओं एवं पारम्परिक व्यंजनों के विक्रय हेतु स्टॉल लगाये थे। विभिन्न जनजातीय समूहों के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुदुम बाजा नृत्य, बैगा नृत्य, कोरकू नृत्य, भगोरिया, शैला नृत्य एवं पंडवानी की प्रस्तुतियाँ दी गई।
             आदिरंग-2021 के समापन अवसर पर अपर सचिव जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्लीं से श्री एच चिंजासों,  प्रोजेक्टो ऑफिसर, जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली  से श्री सुब्रत कुमार नायक, अपर कलेक्टर श्री शिव गोविंद मरकाम, जनजातीय अनुसंधान संस्थान के संयुक्त संचालक श्री नीतिराज सिंह, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्री सुधांशु वर्मा द्वारा उत्साव के समापन पर दीप प्रज्वचलन कर कार्यक्रम की शुरआत की गई ।
             तीन दिन के इस आदिरंग उत्सवव में मध्यय प्रदेश के अन्य  जिलों से आये आदिवासी खिलाडी व जनजातीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तूशति दी । आदिवासी लोक नृत्य  को देखकर लोगों ने कलाकारों की सराहना की । कार्यक्रम के तीसरे दिन पंडवानी गायिका कलीबाई द्वारा पंडवानी, जिला अनुपपुर के कलाकारों का गुदुम बाजा नत्य , डिंडोरी जिले के कलाकारों द्वारा कर्मा शैला नृत्यक, बैतुल जिले के कलाकारो का सारपाटा झांजपाटा नृत्यु और बिरसा से बिहाव नृत्यि के कलाकारो ने प्रस्तू ती दी गई। इस तीन दिवसीय आदिवासी उत्सबव कार्यक्रम में गुदुम बाजा नृत्या ने धूम मचा दी जिसका लोगो ने भरपुर आनंद लिया ।
बड़वानी की बेंडा रोटी और साग तथा पातालकोट की रसोई लोगों को पसंद आई
               तीन दिनों के इस आयोजन में बड़वानी के आदिवासी समूह द्वारा मक्का, ज्वार एवं बाजरा की बेंडा रोटी एवं सब्जी का स्टाल लगाया गया था। बगैर तेल का उपयोग किये बनाये गये इस गरमागरम व्यंजन को लोगों द्वारा बहुत पंसद किया गया और तीसरे दिन उनके स्टाल पर लोगों की भारी भीड़ रही। छिंदवाड़ा जिले की पातालकोट की रसोई भी मक्के के व्यंजन को लेकर आकर्षण का केन्द्र रही। इसके साथ ही डिंडोरी जिले की कोदो एवं कुटकी का चावल एवं बालाघाट की जीआई टैग वाली चिन्नौर भी लोगों को बहुत पंसद आयी।