तीन सगी बहनों की फांसी से मौत मामले में पुलिस जबाव तलाश कर रही

6:13 pm or July 28, 2022
मयंक शर्मा
खंडवा.२८ जुलाई ;अभी तक;  मंगलवार को तीन सगी बहनों की फांसी से मौत की खबर से समूचा अंचल सन्न है। कुछ घंटे पहले ही तीनों को हंसते खिलखिलाते देखा था। फिर ऐसी क्या बात हुई जो एक ही रस्सी से फंदा बनाकर तीनों ने पेड़ पर फांसी लगा ली, यह सवाल हर किसी की जुबां पर है। पुलिस भी इसका जबाव तलाश रही है।
                  एसपी विवेक सिंह ने गुरूवार को पुनः कहा कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पीएम रिपोर्ट में फांसी लगाने से
मृत्यु की बात सामने आई है। सेक्सुअल एसॉल्ट जैसी कोई बात नहीं। कुछ बिन्दु तय किए हैं जिस पर जांच की जा रही है। बुधवार को जावर थाना पुलिस ने जिला अस्पताल में तीनों बहनों के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टर पैनल से कराते हुए वीडियोग्राफी कराई है। अब विवेचना करते हुए पता लगाया जा रहा है कि आखिर ऐसी क्या बात हुई जो तीनों बहनों ने एक साथ मौत को गले लगा लिया।क जावर के कोटाघाट गांव में रहने वाली सोनू (22), सावित्री (20) व ललिता (18) ने घर के पास ही नीम के पेड़ पर इन्होने सामूहिक  फांसी लगाई है।  मंगलवार बुधवार की दरम्यिानी रात करीब 2 बजे डायल 100 को घटना की सूचना मिलने के बाद जावर, पिपलोद थाना की पुलिस के साथ जिला मुख्यालय से पुलिस अधिकारी घटना स्थल पहुंचे थे।
                 एसपी विवेकसिंह ने बताया कि मृत युवतियों के पिता जाम सिंह की मृत्यु करीब पांच वर्ष पहले सडक दुघर्टना में हो गई थी। आठ भाई बहनों में दो बहने अपने ससुराल में थीं और एक भाई बुरहानपुर के धुलकोट में रहता है। बाकी सभी अपनी मां के साथ घर पर ही थे। मंगलवार को सिंगोट का हाट बाजार करने के लिए सोनू बाइक से दोनों बहनों को लेकर गई थी। दोपहर करीब दो बजे जाने के बाद तीनों वहां से शाम को लौटीं। रात को खाने के बाद तीनों युवतियों अपनी मां हल्दी बाई के साथ घर के अंदर वाले कमरे में लेटी थीं। बाहर के कमरे ेमें इनके भाई भुरू और रवि सोए थे। सोने से पहले तीनों ने अपनी बड़ी बहन चम्पा पति बीरू निवासी कठिया बंडा से करीब एक घंटे फोन पर बात की। इसके बाद दूसरी बहन अनीता पति सुनील निवासी नजीराबाद नेपानगर से भी कुछ देर बात हुई। सभी बहनें हरियाली अमावश्या मनाने की बात कर रही थीं। इसके बाद क्या र्हुआ  किसी को पता नहीं।
                  एसपी ने बताया कि रात करीब 10 बजे मां हल्दीबाई नित्यक्रिया के लिए उठीं तो उन्हें कमरे में तीनों बेटियां नहीं दिखीं। बेटा भुरू को बताया तो वह टार्च लेकर बाहर तलाशने निकला। घर से कुछ कदम की दूरी पर ही देखा कि तीनों बहने फांसी के फंदे पर पेड़ से लटकी हैं। देखते ही उसने  शार करते हुए गांव वालों को बुलाया। इसके बाद रात करीब दो बजे पुलिस को खबर
दी गई।
                  मृतकेंा में सोनू शहर के एक कॉलेज से बीएड की पढ़ाई कर रही थी। उससे छोटी सावित्री की तीन महीने पहले ही शादी हुई है। सावित्री पति दीपक निवासी खारकड़ी तीन दिन पहले ही मायके आई थी। पुलिस जांच में यह बात भी अहम है कि
बड़ी के रहते छोटी की शादी कैसे हुई? ऐसे कुछ तथ्यों को जानने की कोशिश पुलिस कर रही है। तीन बहनों की एक साथ मौत के मामले में फॉरेंसिक अधिकारी के तबादले के बाद पद 2 माह से रिक्त होन  फसोयिंक टीम की मदद नहीं ली जा सकी। डियाग्राफी
कराते हुए डॉक्टर टीम से पीएम कराया गया है। एस पी ने कहाकि प्रथम दृष्टया क मामला आत्महत्या का है, लेकिन घटना किन कारणों से हुई इसका पता लगाने के लिए मृतका के घर, परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ की जाएगी।