तुकाराम के यहां रात रूके तो कोराना काल की परिवर की कंगाली से हुये रूबरू, भोपाल बुलाया, बोले- आपका और मेरा परिवार एक साथ करेगा भोजन

मयंक शर्मा
खंडवा २० नवंबर ;अभी तक;  हनुवतिया में जल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर सीएम ने कहा कि हम ज्ञानेश्वर पाटिल के संसदीय उपचुनाव के  प्रचार में बुरहानपुर जिले के गांव बहादुरपुर गए थे, जहां बैंड बाजा व्यवसायी ठाकुरदास के घर रात रुका थे। बात यही खत्म नहीं हुई बल्कि ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि सीएम ने ठाकुरदास को दो किश्तो मेें डेढ लाख रूयपे भेजे है 24नव को भोापाल आांमत्रित कर उनके परिवार के साथ सहभेाज में  शमिल होने का आगाह किया है।
                  उन्होने मंच से बहादुरपुर मं रात बिताने का हवाला देते हुये कहा कि उसका डेढ़ कमरे केे घर में रात्रि विश्राम किया। ठाकुर दास से पूछा- क्या हाल है। उसने कहा, हम बैंड बजाते है, लेकिन कोराना  काल के कारण बंद है। सीएम ने कहाकि मुझे
लगा कि गरीबों के काम धंधे चालू हो, इसके लिए प्रतिबंध हटाना जरूरी है। स्कूल न खुलने से बच्चे भी कुंठित हो रहे थे। उन्होने मंच से इतनी ही बात कही लेकिन तुकाराम की पृष्टभूमि तलाशने पर पता  कुछ यू चला। इसकी पुष्टि सांसद पाटिल ने  भी  किया।
                  बहादरपुर निवासी बैंड बाजा संचालक तुकाराम गवई के यहां सीएम के एक रात
उनके निवास रूके। वे एकााएक लखपति बन गए हैं।  आचार संहिता के चलते सीएम
तब तो गवई परिवार को सिर्फ थैंक्स बोलकर चले गए थे लेकिन भोपाल में भी
उन्हें नहीं भूले। कुछ दिन पहले गवई के खाते में एक लाख रुपए बतौर आर्थिक
सहायता सीएम ने डलवाए थे।
श्री पाटिल ने बताया कि ं शनिवार को जिला प्रशासन के माध्यम से 50 हजार
की सहायता राशि का चेक भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, के हाथों  तुकाराम को
दिया गया। इस समय  बहादरपुर सरपंच प्रवीण मौजूद थे। ं मुख्यमंत्री ने
तुकाराम गवई और उनके परिवार को 24 नवंबर को राजधानी भोपाल बुलाया है।
जहां शाम 7 बजे सीएम और गवई का परिवार एक साथ भोजन करेगा।
श्री पाटिल ने कहा कि  सीएम शिवराजसिंह चैहान को तुमाराम गवई ने कोरोना
संक्रमण काल के दौरान बैंड व्यवसाय की बदहाली से अवगत कराया था। दो साल
में सारे उपकरण खराब होने और आर्थिक बदहाली का शिकार होने की बात कही थी।
हालांकि फिर भी गवई परिवार ने सीएम की आवभगत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी
थी।
गवई बोले, जब से सीएम मेरे घर रात रूके है तब से मेरी इज्जत बढ़ गई है। अब
जब मैं घर से दुकान आता हूं तो लोग पकड़कर चाय, पानी पिलाते हैं। इस
आर्थिक सहायता से तुकाराम गवई गदगद हैं। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
उन्होंने कहा सीएम साहब ने मेरी स्थिति देखी। धंधा बंद था, उन्होंने चालू
करवा दिया। पहले मेरे खाते में एक लाख दिए। अभी 50 हजार का चेक मिला। 24
नवंबर को भोपाल बुलाया है। वहां जाकर भोजन पानी करेंगे।
मनोज लधवे ने कहा कि सीएम ने 1.50 लाख का सहयोग किया। पहले एक लाख खाते
में डले थे। जबकि, 50 हजार चेक आज दिया है। यह वापस अपने बैंड का व्यवसाय
सुचारू रूप से चला सकेंगे।
अब तुकारात 24 नव को भोपाल जाने के लिये उत्ससाहित और प्रतीक्षारत है।
ैं…