तेरापंथ संप्रदाय साध्वी प्रमुखा कनकप्रिया श्रीजी म.सा.का मंदसौर आगमन

महावीर अग्रवाल 
मंदसौर ११ जून ;अभी तक;  जैन समाज के तेरापंथ संप्रदाय साध्वी प्रमुखा कनकप्रिया श्रीजी म.सा. का मंदसौर में आगमन हुआ। जैन धर्मावलंबियों ने साध्वी प्रमुखा की आगवानी की। धर्मावलंबियो को संबोधित करते हुए आपने कहा कि मनुष्य को नशा मुक्त जीवन जीने की दिशा में प्रयास करने चाहिए।
स्थानीय जैन शिक्षा महाविद्यालय परिसर में तेरापंथ संप्रदाय के आचार्य श्री महाश्रमणजी म.सा.की आज्ञानुवर्तनी महासती सा.श्री कनकप्रियाश्री जी म. आदि ठाणा 42 की स्थिरता हुई। प्रातः 8 बजे रतलाम की ओर से विहार करते हुए साध्वी प्रमुखा का मंगल पदार्पण हुआ। विभिन्न ग्राम नगरों के श्रद्धालुओं ने मंदसौर में आपकी आगवानी कर मंगल भावना श्रवण की।
        जैन शिक्षण प्रसार समिति, श्री त्रिस्तुतिक संघ श्री नवलखा पार्श्वनाथ मंदिर समिति द्वारा आपके दर्शन किए गए। श्रद्धालुआंे को संबोधित करते हुए सा. प्रमुुखा ने कहा वर्तमान परिपेक्ष में भगवान महावीर के सिद्धांतो को आत्मसात करने की आवश्यकता है । हमें नशा मुक्त जीवन धारण करना चाहिए। भगवान महावीर द्धारा प्रदत्त अहिंसा, अपरिगृह व श्रावक धर्म के कर्तव्यांे को जीवन में उतारकर उनका अनुसरण करने की जरूरत है।
            प्रारंभ में जैन शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र हींगड, सचिव श्री गजराज जैन, अ.भा.श्री.राजेन्द्र नवयवुक के राष्ट्रीय महामंत्री सुधीर लोढा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर श्री मनोहर सोनगरा, श्री विजय सुराणा, श्री भारत कोठारी, श्री प्रवीण राठौड, श्री देवेन्द्र चपरोत, श्री हेमंत हींगड, श्री श्रेयांश हींगड, श्री प्रमोद कीमती, श्री हस्तीमल जैन मुन्ना सेठ, श्री धर्मेन्द्र कर्नावट, श्री अजय फांफरिया, श्री रोहित संघवी, श्री विमल खाबिया, श्री विकास जैन, श्री देवेन्द्र मिश्रीलाल चपरोत, श्री अजित क़ुदार, श्रीमती निर्मला हिंगड़, श्रीमती हेमा हींगड आदि उपस्थित थे। आपके दर्शनार्थ नीमच, जावरा, जयपुर, भीलवाडा,चित्तौड़ के श्रद्धालु उपस्थित थे।