दरांते से अंगूठा काटने वाले पति को 03 वर्ष का सश्रम कारावास

2:32 pm or July 29, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर, नीमच २९ जुलाई ;अभी तक;  अपर सत्र न्यायाधीश  नीमच के द्वारा दरांते से पत्नि के हाथ का अंगूठा काटकर अलग कर देने वाले आरोपी पति बापुलाल पिता मांगीलाल गायरी, उम्र-48 वर्ष, निवासी-ग्राम रामखेड़ा, थाना रामपुरा जिला नीमच को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 326 के अंतर्गत 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000रू. जुर्माने से दण्डित किया।
                        श्री जगदीश चौहान, विशेष लोक अभियोजक द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी बापुलाल गायरी का विवाह फरियादिया विष्णुबाई से लगभग 20 वर्ष पूर्व हुआ था तथा विवाह उपरांत उनके एक 11 वर्ष का पुत्र तथा एक 14 वर्ष की पुत्री हैं। विवाह के पश्चात से ही आरोपी उसकी पत्नी के साथ अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था तथा उसे कुछ खाने को लाकर नहीं देता था, इससे परेशान होकर फरियादिया विगत 05 वर्षों से आरोपी से अलग उसके पीयर ग्राम जमुनियाकलां में उसके बच्चों के साथ आकर किराये के मकान में रहने लगी थी। घटना दिनांक 22.12.2020 को सुबह के लगभग 7 बजे आरोपी ग्राम जमुनियाकलां स्थित फरियादिया के मकान पर आया और फरियादिया के साथ नातरे जाने की बात को लेकर विवाद करते हुए एक धारदार दरांते से फरियादिया पर हमला किया, जिस कारण फरियादिया के बाये हाथ का अंगूठा कटकर अलग हो गया। घटना स्थल पर आसपास के लोग इकट्ठे हो गये, जिन्होंने बीच-बचाव किया, फिर आरोपी वहां से चला गया। इसके बाद फरियादिया को डायल 100 से जिला चिकित्सलय नीमच पहुचाया गया। फरियादिया द्वारा आरोपी के विरूद्ध थाना नीमच सिटी में रिपोर्ट लिखाई गई, जिस पर से अपराध क्रमांक 544/2020, धारा 326 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। ए.एस.आई. कन्हैयालाल सोलंकी द्वारा अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार करते हुए महत्वपूर्ण साक्ष्य को एकत्रित कर शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्ण करके अभियोग-पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए इसे जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया।
                 अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान फरियादिया, चश्मदीद साक्षीगण, मेडिकल ऑफिसर एवं विवेचक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपी द्वारा दरांते से फरियादिया के हाथ का अंगूठा काटकर अलग किये जाने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर उनको कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 326 के अंतर्गत 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000रू. जुर्माने से दण्डित करते हुए जुर्माने की राशि को फरियादिया को प्रतिकर के रूप में प्रदान किये जाने का आदेश भी दिया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश चौहान, विशेष लोक अभियेजक द्वारा की गई।