मन्दसौर की बेटी देवआज्ञा  को योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने दिया कंधा 

5:32 pm or October 5, 2021
मन्दसौर की बेटी देवआज्ञा  को योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने दिया कंधा
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ५ अक्टूबर ;अभी तक;  पतंजलि योगपीठ हरिद्वार (वैदिक कन्या गुरुकुलम में)  सन 2015 से पतंजलि योगपीठ में आजीवन सेवाव्रती के रूप मे जीवन समर्पण किया था! उनके वैराग्य भाव और सेवा को देखते हुए स्वामी रामदेव से  2018 में सन्यास दीक्षा प्राप्त कर आश्रम की साध्वी देव आज्ञा के रूप में शास्त्र अध्ययन में अपना समय व्यतीत कर रही थी
                एक दुर्घटना में उनका आकस्मिक निधन हो गया पूरे पतंजलि योगपीठ में शोक की लहर छा गई । इधर परिवार व रिश्तेदार को भी इसकी तुरंत सूचना दी ! रात 9 बजे परिजन व रिश्तेदार  घटनास्थल पर पहुंचे,आकस्मिक निधन की घटना का संस्था द्वारा पुलिस को भी सूचना की गई  सम्पूर्ण तथ्य स्थानीय पुलिस प्रशासन को सौंपे गए दिन में परिवार व रिश्तेदारों की उपस्थिति में पूरा पोस्टमार्टम किया गया,फिर शरीर को परिजनों के सुपुर्द किया । वहा से कनखल आश्रम के निकट गंगा घाट पर पूरे वैदिक रीति रिवाज से योग गुरु स्वामी रामदेव व आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण ने उन्हें परिजनों के साथ अंतिम यात्रा में कंधा दिया।
                   भाई नारायण जी सहित दोनों महापुरुषों ने  मुखाग्नि दी और साथ में आश्रम के सैकड़ों साधु साध्वियों व ब्रह्मचारी गणों की उपस्थिति में केंद्रीय प्रभारी डॉ जयदीप आर्य ,राकेश कुमार  पूजा साध्वी देवप्रिया पूज्य स्वामी परमार्थ देव जी , स्वामी  देव  मंदसौर जिला प्रभारी महेश कुमावत द्वारा वैदिक विधि से मंत्रो उच्चारण के साथ गंगा किनारे उनका अंतिम संस्कार हुआ।
              स्वामी रामदेव ने मंदसौर स्थित गांव सेमलिया हीरा में साध्वी के नाम से एक योग भवन यज्ञशाला निर्माण की घोषणा की जिससे कि उन्हें क्षेत्र हमेशा याद करता रहे और जो सपने उन्होंने देखे थे वह पूरे हो सके।
                एक छोटे से गांव सेमलिया हीरा के किसान श्री ईश्वरलाल जी पाटीदार परिवार में जन्मी परिवार की लाड़ली बिटिया राधा पाटीदार के माता-पिता ने प्राचीन गुरुकुल परंपरा को अपनाते हुए अपनी बिटिया को हरिद्वार योगऋषि बाबा रामदेव  के सानिध्य में पतंजलि योगपीठ कन्या गुरुकुल में शिक्षा और दीक्षा के लिए भेज कर सनातन 1धर्म व ऋषि परंपरा को आज से 6 वर्ष पूर्व निभाया बिटिया साध्वी राधा पाटीदार ने गुरुकुल परंपरा में शिक्षा के साथ ही योगऋषि स्वामी बाबा रामदेव जी से दीक्षा प्राप्त की व गंगा के किनारे ऋषि परंपरा को निभाने का संकल्प लिया साध्वी बनकर साध्वी देवाआज्ञा नाम से माता-पिता व पूरे परिवार को गौरवान्वित तो किया है…साथ ही ग्राम सेमलिया हीरा एवं पूरे क्षेत्र का भी नाम रोशन किया है…शायद परमात्मा को यही स्वीकार था, माता-पिता और परिवार जिन्होंने इस प्रकार का निर्णय लेकर धर्म और संस्कृति के लिए अपनी बिटिया को इस महान परंपरा को निभाने के लिए त्याग व समर्पण किया ।
                  साध्वी देवा आज्ञा जी के पिता श्री ईश्वर पाटीदार ने बताया कि पतंजलि योगपीठ में हमारी बेटी बहुत प्रसन्न थी अभी एक महीना पहले हम गुरु पूर्णिमा पर उससे मिल कर आए थे 15 दिन वही रह कर आए थे वैदिक शास्त्रों के अध्ययन में निरंतर व्रत रखती थी और सेवाभावी थी और एक रात पहले भी उसका फोन आया था हम इसे देवी ए घटना चक्र से यद्यपि दुखी तो है ही परंतु हमारी भारत के ऋषि परंपरा में हिंदू संस्कृति में अगाध श्रद्धा है हम इसी प्रकार राष्ट्र समाज की सेवा के लिए अपने बच्चों को अर्पित करते रहेंगे उन्होंने बताया कि उनका एक बेटा अन्य मुझे स्वामी गंगा गिरी जी के सानिध्य में  सेवा कर रहा है।