दिग्विजय सिंह को सोचना है कि उनके बयान से पार्टी को फायदा है या नुकसान: मुकेश नायक

10:10 pm or May 5, 2022
आशुतोष पुरोहित
खरगोन 5 मई ;अभी तक;  मध्य प्रदेश के खरगोन में दंगा पीड़ितों से मुलाकात करने आए कांग्रेस जांच दल के सदस्य तथा पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को सोचना है कि उनके बयानों से पार्टी को फायदा होता है या नुकसान।
मुकेश नायक में पत्रकारों से चर्चा में दिग्विजय सिंह के बयान तथा सोशल मीडिया की पोस्टों को लेकर पार्टी को क्षति पहुंचने की बात पर कहा कि श्री सिंह दो बार के मुख्यमंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री और राज्यसभा सदस्य रहे हैं, यह तो उन्हें सोचना है कि उनके बयान से पार्टी को फायदा होता है या नुकसान। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता के तौर पर उन्हें बयान देने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान तथा पोस्ट व्यक्तिगत हैं तथा वे उनसे आग्रह करेंगे कि हिंसा ग्रस्त खरगोन अवश्य आएं और पीड़ितों से मिलें। उन्होंने कहा कि सुनी सुनाई और आंखों देखी बातों में बहुत फर्क होता है।
उन्होंने दिग्विजय सिंह के विरुद्ध सकल हिन्दू खरगोन द्वारा सद्बुद्धि दिए जाने को लेकर सोनिया गांधी के नाम आज दिए गए ज्ञापन पर कहा कि दिग्विजय सिंह के खिलाफ इस तरह का एजेंडा पूरे देश भर में चलता है।
उन्होंने खरगोन दंगों के लिए खरगोन के पुलिस  प्रशासन व सूचना तंत्र को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि दंगाइयों ने जिस तरह से निर्भीक होकर यहां हिंसा की है, वह अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि यदि जुलूस को राम नवमी के अवसर पर 2:00 बजे के बाद परमिशन नहीं दी जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि भीकनगांव में कपिल मिश्रा के आने के चलते पुलिस बल वहां पहुंचाया गया और खरगोन में इसकी कमी हो गई। उन्होंने कहा कि खुफिया तंत्र ने खरगोन के विभिन्न इलाकों को संवेदनशील बताते हुए पूर्व से ही सचेत किया था।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा कांग्रेस के जांच दल को ‘पर्यटन’ बताए जाने पर मुकेश नायक ने कहा कि दरअसल भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर्यटन पर थी इसलिए दंगा हुआ, यदि सरकार ड्यूटी पर होती तो दंगा नहीं होता।
जांच कमेटी के अध्यक्ष तथा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी पुलिस व प्रशासन को दोषी ठहराते  हुए श्री नायक द्वारा बताए हुए कारणों को दंगों के लिए जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि घटना के 25 दिन बाद भी लोग डरे हुए हैं और प्रशासन उनका मनोबल बढ़ाने में असफल सिद्ध हुआ है। विभिन्न महिलाओं द्वारा पुरजोर विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि एक एजेंडे के तहत प्रशिक्षित लोगों द्वारा विरोध कराया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दंगा पीड़ितों को यथासंभव आर्थिक मदद प्रदान करेगी।
उधर खरगोन के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि खरगोन में जब दंगे व घटनाएं हो रहीं थीं तब वहां के कांग्रेस विधायकों ने अपने फोन बंद कर लिए,गायब हो गए,भाजपा कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों की मदद की।
आज कांग्रेस के कई पूर्व मंत्री और विधायक घड़ियाली आंसू बहाने खरगोन पहुंचे तो जनता ने उन्हें खदेड़ दिया।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है, जनता कांग्रेस का असली चेहरा पहचान गई है इसीलिए राजनीतिक रोटियां सेंकने पहुंचे कांग्रेसी नेताओं को आज खरगोन की जनता ने जमकर खदेड़ा।
उल्लेखनीय है कि रामनवमी के जुलूस पर पथराव होने के बाद खरगोन के कई इलाकों में अभूतपूर्व हिंसा हुई थी और इसके चलते शहर को करीब 25 दिन कर्फ्यू के साए में रहना पड़ा था। कर्फ्यू की समाप्ति के बाद आज कांग्रेस का जांच दल प्रभावितों से मुलाकात करने आया था।