दिनदहाड़े पिस्टल से गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपीगणों की जमानत आवेदन निरस्त

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / गुना २२ अक्टूबर ;अभी तक;  अपर सत्र न्यायाधीश गुना ने दिनदहाड़े पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर अपराध कारित करने वाले आरोपीगणों  की जमानत आवेदन निरस्त की।
                      सहायक मीडिया सेल प्रभारी एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी गुना श्री मयंक भारद्वाज ने बताया कि फरियादी काले ऊर्फ शफीक खां जब भैंसों की मंडी नानाखेड़ी में था तभी दिन के लगभग 12:00 बजे सूचना मिली कि फरियादी के भाई   शफीक ऊर्फ काले खां को आरोपी हनीफ एवं सहआरोपियों ने दिनदहाड़े पिस्टल से गोली मारकर हत्या कारित  की। उक्त रिपोर्ट थाना कोतवाली में धारा 302, 34, 212, 216 बी भादवि एवं 25/27 आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी आदिल मोहम्मद की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन आई.ए.एन -01/2021 तथा आरोपीगण हनीफ मोहम्मद, विक्की ऊर्फ इरशाद एवं बाबू खान द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र आई.ए. एन -02/2021 को माननीय न्यायालय द्वारा राज्य शासन की ओर से उपसंचालक अभियोजन/विशेष लोक अभियोजक श्री आई.पी मिश्रा गुना द्वारा उक्त जमानत आवेदन पत्रों का घोर विरोध करते हुए प्रकट किया कि प्रकरण में मृतक द्वारा मृत्यु के पूर्व अपने भाई रिपोर्टकर्ता काले ऊर्फ शफ़ीक़ को घटना के बारे में बताया है  कि  मृतक द्वारा अपनी मृत्यु के पूर्व अपने भाई को घटना के सम्बन्ध में दिया गया कथन मृत्यु कालिक कथन की श्रेणी में आने से आरोपीगण के विरुद्ध सुदृढ़ साक्ष्य अभिलेख पर है तथा उन्होंने यह भी प्रकट किया कि उक्त आरोपीगण आपराधिक प्रवृत्ति के हैं तथा उनके विरुद्ध कई अपराध पंजीबद्ध है ।
                  यह भी तर्क प्रस्तुत किया कि आरोपीगण के विरुद्ध सुदृढ़ साक्ष्य होने से उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत प्रभावी तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय ने आरोपियों की ओर से प्रस्तुत दोनों जमानत आवेदन पत्रों को निरस्त करते हुए लेख किया है कि आरोपित अपराध की प्रकृति एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपीगण को जमानत का लाभ देना न्यायोचित प्रतीत नहीं हो