दिमाग में खून का थक्का जमने से हुई श्रुति की मौत, पीएम रिपोर्ट में हुआ उजागर

मयंक भार्गव, बैतूल से

बैतूल एक अक्टूबर ;अभी तक;  विद्युत नगरी सारनी निवासी नेशनल खिलाड़ी की गुरूवार को हुई संदिग्ध मौत का कारण गुरूवार को पुलिस द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गया। दरअसल श्रुति के दिमाग में खून का थक्का जम गया था जिसकी वजह से उसका हार्ट में ब्लाकेज के कारण अटैक आ गया। यही वजह श्रुति के मौत का कारण बनी।

हार्ट में था ब्लाकेज

एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक शुक्रवार को श्रुति के पोस्टमार्टम में मौत की वजह नेचुरल डेथ पाई गई है। नाबालिग का पीएम सारणी के शासकीय चिकित्सक डॉ विश्वनाथ झरबड़े ने किया था। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक उसके हार्ट में ब्लॉकेज पाया गया है, जबकि सिर में भी खून के थक्के जमे पाए गए हैं। बीएमओ डॉ संजीव शर्मा ने बताया कि श्रुति की मौत की वजह सडन कार्डियक अरेस्ट सामने आया है।

पीएम में हुआ खुलासा

शार्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बालिका के वाल्व में भी परेशानी थी। हार्ट में ब्लॉकेज और हृदय की धमनियों में भी खून के थक्के पाए गए है। अंदेशा लगाया जा रहा है कि श्रुति के गिरने की वजह से उसके सिर में क्लाट आया है। हालांकि, मौत की वजह सिर में क्लॉटिंग नहीं है। बालिका न्यूट्रीशियन एनीमिया की भी शिकार पाई गई है। उसके शरीर मे आयरन की कमी थी। अचानक हृदय के बंद होने से बालिका की मौत हुई है।
कम उम्र में घातक है यह रोग
डॉ शर्मा के मुताबिक कम उम्र में हृदय रोग की संभावना सबसे घातक है। इसके लिए जरूरी लक्षणों को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हर पांच साल में या 30 वर्ष की आयु के बाद हृदय की इको और टीएमटी जांच आवश्यक रुप से करवाई जानी चाहिए। जिससे हृदय के स्वास्थ्य का पता चल सके। क्योकि 5 या 10 प्रतिशत की समस्या का पता ही नहीं चलता। लेकिन वो आगे बढ़कर 30-40 प्रतिशत हो जाता है, इससे खतरे के आसार बढ़ जाते हैं।