दिल्ली में वित्त राज्य मंत्री चौधरी के साथ अफीम किसानों के प्रतिनिधिमंडल की लंबी वार्ता

महावीर अग्रवाल
 मन्दसौर / पिपल्या जौधा १४ नवंबर ;अभी तक;  किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने कहा समस्याओं का समाधान हो,अन्यथा आगे किसानों के हित में कदम उठाएंगे भारतीय किसान संघ अफीम संघर्ष समिति चित्तौड़ प्रांत द्वारा 12 नवंबर को अफीम किसानों की सभी प्रकार की समस्याओं को लेकर चित्तौड़ गढ़  में किए गए धरना प्रदर्शन के बाद वार्ता के लिए दिल्ली वित्त मंत्रालय से संगठन को आया न्योता, जिस पर अफीम उत्पादक किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए 11 लोगो का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार शाम को ही दिल्ली के लिए रवाना हुआ और शनिवार सुबह भारतीय किसान संघ के केंद्रीय कार्यालय दिल्ली  पहुंच कर संगठन के उच्च अधिकारियों के साथ मंत्रणा करते हुए सुबह 8:45 पर भारत सरकार के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के निवास स्थान पर पहुंचा और अफीम किसानों की पीड़ा को बताते हुए वित्त राज्य मंत्री चौधरी से लगभग एक घंटा तक वार्ता की और किसानों की पीड़ा खुलकर एक एक विषय पर व्यक्त की ।
                  प्रतिनिधिमंडल ने कहा की मोदी सरकार में नारकोटिक्स विभाग इस कदर किसानों पर हावी हैं कि  प्रत्येक पट्टा धारी को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना पड़ रहा है यही नहीं ईमानदार किसान को आर्थिक रूप से लुटा जा रहा है और अच्छी गुणवत्ता वाली अफीम देने पर भी उसके लाइसेंस घटिया अफीम करार देकर रोके जा रहे हैं जो सरासर गलत है, वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने धरना प्रदर्शन में दिए गए 20 सूत्री ज्ञापन को ही अपने मांग पत्र के रूप में समस्या समाधान के लिए मंत्री को सुपुर्द किया और कहां की किसानों को रोजगार देने के लिए विदेशों से किए जा रहे  कोडीन फास्फेट आदि अफीम के उत्पाद के आयात पर रोक लगाकर मेक इन इंडिया का रोल अदा करते हुए किसानों को रोजगार देने की मानसिकता के साथ 1990 से प्राकृतिक आपदा के कारण किसान द्वारा अफीम औसत कम देने पर काटे गए सभी प्रकार के पट्टे  शून्य ओसत  पर बहाल किए जाए वही नए किसानो को भी रोजगार देने हेतु नए पट्टे भी बड़ी मात्रा में जारी किए जाएं, पिछले कुछ वर्षों में मार्फिन नीति लागू करने से किसान परेशान हो रहा है अतः इस नीति में परिवर्तन कर पुनः पूर्व की भांति औसत के आधार पर पट्टे जारी हो, सीपीएस पद्धति लागू होने से किसानों का रोजगार मारा जाएगा यह पद्धति किसी भी सूरत में लागू नहीं की जाए, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के दुरुपयोग से लाखों किसानों को कई वर्षों तक जेल की सजा काटनी पड़ती है और बाद में बाइज्जत बरी होते हैं इस धारा को ही समाप्त किया जाए, डोडा चुरा को एनडीपीएस एक्ट से हटाकर राज्य सरकार के आबकारी विभाग में डाला जाए क्योंकि  डोडा चुरा में 0.2 प्रतिशत ही नशे की मात्रा रहती हैं जो एनडीपीएस एक्ट में आ ही नहीं सकती हैं सहित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सभी किसानों को समान आरी के पट्टे देने, अफीम को दो प्लॉट में बोने का सभी को अधिकार देने जैसे 20 बिंदुओं पर चर्चा हुई।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा की आपकी पीड़ा काफी हद तक वाजिब है मैं अफीम उत्पादक जिलों से संबंधित सांसदों को दो-तीन दिन में दिल्ली बुलाऊंगा और वित्त मंत्री के साथ हम लोग बैठेंगे और इन विषयों पर चर्चा करेंगे जो जो समाधान संभव हुआ वह करने का प्रयास करेंगे इस पर किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समय रहते किसानों के उचित समाधान नहीं हुए तो आगे के आंदोलन की रणनीति बनाएंगे और देश भर में इसका संदेश देंगे।
    वित्त राज्य मंत्री से वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान संघ चित्तौड़ प्रांत महामंत्री अंबालाल शर्मा, प्रांत उपाध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ जिला प्रभारी रघुनाथ सिंह झालावाड़, प्रांत उपाध्यक्ष बद्रीलाल जाट भीलवाड़ा, किसान संघ की अफीम संघर्ष समिति के प्रांत अध्यक्ष बद्रीलाल तेली भीलवाड़ा,संघर्ष समिति उपाध्यक्ष रतन सिंह गंठेडी चित्तौड़गढ़, किसान संघ चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष मोतीलाल तिवारी, प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष पन्ना लाल डांगी,पूर्व प्रांत युवा प्रमुख किसान सोहन लाल आंजना,किसान गीता लाल धाकड़,किसान जीवन चौधरी, लादू लाल जाट भीलवाड़ा शामिल थे। रविवार को भी प्रतिनिधि मंडल लोकसभा अध्यक्ष जो कि अफीम उत्पादक संसदीय क्षेत्र कोटा के हैं उनसे दिल्ली निवास पर ही मुलाकात करेंगे और अफीम किसानों की समस्याओं के समाधान में मदद की गुहार लगाएंगे।