दिल के दौरे के बाद बचे कुछ मरीज कर सकते हैं मृत्यु के अनुभव का स्पष्ट वर्णन : अध्ययन

9:03 pm or November 7, 2022

वाशिंगटन, सात नवंबर ; दिल का दौरा पड़ने के बाद ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटैशन’ (सीपीआर) की मदद से बचे पांच लोगों में से एक मरीज मृत्यु के उस अनुभव का स्पष्ट वर्णन कर सकता है, जब वह बेहोश था और मौत के करीब पहुंच गया था। यह जानकारी अपनी तरह के पहले अध्ययन से मिली है।.

वास्तव में सीपीआर जान बचाने की एक तकनीक है जिसमें मरीज के सीने को दबाना और मुंह से सांस देना होता है। यह कई आपात स्थितियों में उपयोगी साबित होता है, जैसे किसी को दिल का दौरा पड़ा हो या कोई डूबते-डूबते बचा हो और उसकी सांस या दिल की धड़कन रुक गई हो।.