दोस्त का जाति प्रमाण पत्र लगाकर आर्मी में नौकरी करने वाले युवक को ४ साल की सजा

मयंक भार्गव

बैतूल २५ जून ;अभी तक;  आदिवासी दोस्त का जाति प्रमाण पत्र उपयोग कर उसके प्रमाण पत्रों पर अपनी फोटो लगाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले एक युवक को न्यायाधीश ने चार साल की सजा और ढाई हजार रुपए अर्थदण्ड से दंडित किया है। आरोपी ने बताया कि उसने अपने आदिवासी दोस्त के प्रमाण पत्रों पर अपनी फोटो लगाकर आर्मी भर्ती परीक्षा दी। जिसमें चयनित होकर उसने न सिर्फ आर्मी में सिपाही पद पर ट्रेनिग ली बल्कि लगभग दो साल तक असम में नौकरी भी की। दोस्त को इसकी जानकारी लगने पर उसने चिचोली थाने में युवक की शिकायत की जहां उसके खिलाफ धारा 419, 420 और 468 आईपीसी का अपराध दर्ज किया गया। जिसमें उसे चार साल के कारावास और अर्थदण्ड से दंडित किया गया। चिचोली थाना क्षेत्र के ग्राम बन्नूढाना चिरापाटला निवासी राजेश यादव पिता रामहरक यादव (25)को विशेष न्यायाधीश बैतूल राकेश मोहन प्रधान ने फरियादी रामकिशोर अहाके के साथ उसके पिता के नाम का उपयोग करते हुए स्वयं की फोटो लगाकर फरियादी के नाम का आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और पेन कार्ड बनवाया था। आरोपी राजेश यादव को कूदरचित दस्तावेज तैयार करने का दोषी पाया गया। जिसके चलते विशेष न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान ने आरोपी राजेश यादव को धारा 419 में तीन साल का कठोर कारावास और 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा 420 में तीन साल का कठोर कारावास और अर्थदण्ड तथा धारा 468 में चार साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपए अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड जमा नहीं करने पर दो-दो माह का अर्थदण्ड भुगतना होगा।

आर्मी में नौकरी के लिए बनाए थे फर्जी दस्तावेज

आरोपी राजेश यादव ने बताया कि वर्ष 2016 में आर्मी की भर्ती परीक्षा हैरदाबाद में हुई थी। वह ओबीसी वर्ग में आता है जिसके लिए उसकी निर्धारित ऊंचाई नहीं की। जबकि आदिवासी वर्ग के लिए भर्ती में जो ऊंचाई निर्धारित की गई थी। उसकी ऊंचाई उतनी थी। जिसके चलते उसने अपने दोस्त राजेश पिता रामकिशोर अहाके का जाति प्रमाण पत्र लेकर उसके स्थान पर स्वयं की फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड, फोटो परिचय पत्र और पेन कार्ड बनवा लिए थे। वह राजेश अहाके बनकर सेना भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ और चयनित भी हो गया। उसने हैदराबाद में आर्मी की ट्रेनिंग की और असम में 17 पैरा में उसकी पोस्टिंग हुई। लगभग दो साल नौकरी करने के बाद जब वह छुट्टी में घर आया तो राजेश अहाके को यह बात पता चल गई और उसने चिचोली थाने में इसकी शिकायत की। इस मामले में विशेष न्यायाधीश ने गुरूवार को सुनाए फैसले में उसे चार साल की सजा से दंडित किया है।