दो अफीम तस्करों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास

6:30 pm or July 30, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर जावद। ३० जुलाई ;अभी तक;   श्रीमान अनुज कुमार मित्तल, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) जावद के द्वारा 8.5 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम की तस्करी करने वाले दो आरोपीगण (1) भैरूलाल पिता भंवरलाल माली, आयु 50 वर्ष, निवासी-ग्राम मुवादा, थाना रतनगढ़, जिला-नीमच तथा (2) घीसालाल पिता बालूजी धाकड़, आयु 49 वर्ष, निवासी-ग्राम बोराव, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/18बी के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,25,000-1,25,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।
श्री अरविन्द शर्मा, अपर लोक अभियोजक द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 5 वर्ष पूर्व दिनांक 08.02.2017 को रात्री के लगभग 8 बजे की होकर थाना सिंगोली क्षैत्र के अंतर्गत आने मोतीलाल धाकड़ के क्रैशर के सामने सिंगोली-तिलीस्मा आमरोड़ की हैं। थाना सिंगोली में पदस्थ एएसआई प्रभूदयाल डोड़ियार को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई कि सिंगोली-तिलीस्मा आमरोड़ पर दो व्यक्ति मोटरसायकल से अफीम को तिलीस्मा की तरफ किसी तस्कर को देने जाने वाले हैं। मुखबिर सूचना की तस्दीग हेतु एएसआई प्रभुदयाल डोड़ियार पुलिस फोर्स सहित मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुचे जहां उन्हे मोटरसायकल से मुखबीर के बताये हुलिये वाले दो व्यक्ति आते हुए दिखाई दिये, जिनको रोकने का प्रयास किये जाने पर वह तेजी से मोटरसायकल भगाने का प्रयास करते हुए नीचे गिर गये। पुलिस द्वारा दोनो को पकड़ा गया तथा उनके कब्जे में एक विमल का थैला था, जिसकी तलाशी लिये जाने पर उसमें एक पॉलीथीन में 08 किलो 500 ग्राम अवैध मादक पदाथ अफीम रखी हुई थी, जिसको जप्त कर व दोनो आरोपीगण को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध पुलिस थाना सिंगोली में अपराध क्रमांक 22/2017, धारा 8/18बी एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। पुलिस सिंगोली द्वारा शेष आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय, जावद में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान विवेचक, जप्ती अधिकारी, फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराते हुवे आरोपीगण द्वारा अवैध मादक पदार्थ अफीम की तस्करी किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए उन्हें कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/18बी के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,25,000-1,25,000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री अरविन्द शर्मा, अपर लोक अभियोजक द्वारा की गई।