दो चचेरी बहनों की ताप्ती में हुई जलसमाधि नहाने और कपड़े धोने के दौरान हुआ हादसा

मयंक भार्गव

बैतूल 4 जून ;अभी तक;  ताप्ती नदी में कपड़े धोने और नहाने के दौरान दो चचेरी बहनों की जल समाधि हो गई। काफी समय तक दोनों बहनों के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने जब तलाश की तो नदी किनारे कपड़े पड़े हुए थे जबकि दोनों बहनें लापता थी। अंतत: ग्रामीणों ने गोताखोरों की मदद से जब नदी में तलाश की तो दोनों के शव बरामद हो गए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए हैं। यह घटना 3 जून को शाम 6 बजे जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर झल्लार थानांतर्गत ग्राम मोहडढ़ाना चूनोलोहमा में घटित हुई। दोनों बहनों की जलसमाधि होने से ग्राम में मातम पसर गया है।

भैंसदेही एसडीओपी शिवचरण बोहित ने मृतिका कविता पिता रतनलाल सिरसाम (12) निवासी मोहडढाना चूनालोहमा एवं अंकिता पिता कुंजीलाल करोचे (12)निवासी रंभा की ताप्ती नदी में डूबने से मौत हो गई है। एसडीओपी श्री बोहित ने बताया कि सूचना मिलने पर झल्लार थाने से एएसआई कृष्ण कुमार तिवारी, प्रधान आरक्षक प्रवीण धुर्वे एवं प्रधान आरक्षक प्रमोद बोरखेड़े को घटना स्थल पर रवाना किया था। पुलिस की मौजूदगी में चिब्बा आदिवासी और दिब्बी आदिवासी दोनों तैराकों ने ताप्ती नदी में शवों की तलाश कर उन्हें बाहर निकाला। शव का पोस्टमार्टम कराने के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिए हैं। एसडीओपी श्री बोहित ने बताया कि घटना 3 जून की शाम 6 बजे के लगभग की है।

उन्होंने बताया कि झल्लार ािाने में फरियादी रतनलाल पिता भुगन (40) निवासी मोहडढाना चूनालोहमा ने रिपार्ट दर्ज कराई थी कि उसकी दोनों बच्चियों की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि रंभा निवासी अंकिता पिता कुंजीलाल अपनी मौसी के घर मोहड चूनालोहमा में मेहमान आई थी। अंकिता अपनी मौसी की लड़की कविता के साथ गुरुवार को  नदी पर नहाने गई थी इस बीच गहरे पानी में चले जाने से दोनों की नदी में डूबने से मौत हो गई। काफी समय तक घर नहीं लौटने पर कविता की माँ रामरति पति रतनलाल नदी पर देखने गई तो दोनों बच्चियां गायब थी। इसके बाद उनकी तलाश की गई लेकिन कहीं पता नहंी चला। अंतत: गोताखोरों की मदद से दोनों के शव नदी से निकाले गए।