धर्म अपनी संस्कृति सौंदर्य और उदात्त भावना से ही सर्वोत्कृष्ट धर्म है  

7:42 pm or July 22, 2022
 महावीर अग्रवाल
मंदसौर २२ जुलाई ;अभी तक;  कोरोना काल के 2 वर्षों को छोड़कर प्रतिवर्ष भगवान पशुपतिनाथ मनोकामना अभिषेक में सम्मिलित होने वाले झालावाड़ जिले के ग्राम मिसरोलीसे 22 जुलाई को सम्मिलित हुए अभिषेकार्थी श्री बाबूलाल शर्मा ने अपने उदगार प्रकट करते हुए कहा कि भगवान पशुपतिनाथ बड़े दयालु हैं जो कृपा करके उन्हें अपनी धर्म पत्नी के साथ मनोकामना अभिषेक में प्रतिवर्ष बुला लेते हैं।
             श्री शर्मा ने कहा कि मनोकामना अभिषेक में बैठने से मन को बड़ी शांति और सुख का अनूभव होता है सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि पवित्र श्रावण मास में जहां प्रतिवर्ष मनोकामना अभिषेक में आने से भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन हो जाते हैं इस बार भगवान सहस्त्रत्रेश्वर शिवलिंग के भी दर्शन लाभ का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ है भगवान भोलेनाथ ऐसी कृपा सब पर करें . जिससे सभी मनोकामना में बैठकर अपनी मनोकामना को भगवान पशुपतिनाथ की कृपा से पूरी कर सके ।
                 अभिषेक के आचार्य पंडित विष्णु प्रसाद ज्ञानी ने कहा कि सनातन धर्म अपने औदार्य और उदात्त भावों के कारण ही सर्वोत्कृष्ट धर्म हैं । निष्पक्ष और निरपेक्ष भाव से समग्र विश्व और मानव जाति के कल्याण की कामना केवल सनातन धर्म में ही प्राप्त होती है। विधि पूर्वक गृह स्वामी द्वारा किये गए  पुण्यकर्म मनुष्य ही नही वरन्  उस के   घर के पशुओं तक का कल्याण करते है।