धर्म व संस्कारों की शिक्षा से ही होगा राष्ट्र का उत्थान- डॉ. देवेन्द्र शास्त्रीजी

7:31 pm or December 28, 2021
महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर  २८ दिसंबर ;अभी तक;  श्री माहेश्वरी धर्मशाला में 26 दिसम्बर से प्रतिदिन श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा में भागवताचार्य, ज्योतिषाचार्य डॉ. देवेन्द्रजी शास्त्री धारियाखेड़ी धर्मालुजनों को दोप. 12.30 से सायं 4.30 बजे तक प्रतिदिन श्रीमद् भागवत का रसपान करा रहे है। श्री महेशचन्द्र शर्मा व श्री अशोक शर्मा परिवार के द्वारा श्री नारायण भक्ति संघ के सहयोग से यह कथा आयोजित हो रही है। कथा के तृतीय दिवस मंगलवार को आचार्य डॉ. देवेन्द्रजी शास्त्री ने धर्मसभा में कहा कि आजकल पाश्चात्य संस्कृति व अंग्रेजी भाषा के प्रभाव  के कारण हम अपने बच्चों व युवाओं को अंग्रेजी सिखने की कहते है। कोई भाषा बुरी नहीं है लेकिन दूसरी भाषा के मोह में अपनी मातृभाषा की अवहेलना उचित नहीं है, बच्चे अंग्रेजी मीडियम में पड़ते है इन्हें हिन्दी नहीं आती यह कहना गौरव की बात माने जाने लगी है अपनी मातृभाशा को लिखना एवं बोलना हमें आना ही चाहिए तभी हम अपने धर्म व संस्कृति से जुड़े रह पायेंगे। धर्म व संस्कारों की शिक्षा से ही राष्ट्र का उत्थान संभव है हमें अपने धर्म व संस्कृति पर गर्व होना चाहिए।
                    राष्ट्रधर्म सबसे बड़ा धर्म है- आचार्य डॉ. शास्त्री ने कहा कि जिसे हम धर्म समझते है वह केवल उपासना पद्धति है। अपने देश के प्रति गौरव करना और उसकी एकता व अखण्डता के लिये कार्य करने वाला ही सच्चा राष्ट्रधर्मी है। हम किसी भी धर्म, मजहब, अखण्डता के लिये कार्य करने वाला ही सच्चा राष्ट्रधर्मी है। हम किसी भी धर्म मजहब को मानने वाले हो, लेकिन राष्ट्रधर्म को सबसे पहले समझे यदि राष्ट्र होगा तो हम सुरक्षित रहेंगे। राष्ट्र की उन्नति व विकास में ही हमारा विकास है।
सेवा ही परमोधर्म है- आचार्य डॉ. देवेन्द्र शास्त्री ने कहा कि दिन दुखियों व जरूरतमंदों की मदद करना ही श्रेष्ठ सेवा है और हमें सेवा को ही परमोधर्म समझना चाहिए। हम स्वच्छता के कार्य को केवल एक जाति विशेष का कार्य समझते है लेकिन हमें स्वच्छता के कार्य को अपना कार्य समझकर करना चाहिए। गुरूद्वारों में सिक्ख समाज जिस प्रकार सेवा का कार्य करता है वह अनुकरणीय है हमें उससे सिख लेना चाहिए।
                         यज्ञों का महत्व समझे- आपने कहा कि हमें यज्ञों की महत्ता को पुनः समझना पड़ेगा। प्रत्येक सनातनी परिवार को अपने घरों में यज्ञ करने और उसमें आहूति प्रदान करने की जो पुरानी परम्परा रही है उसे पुनः जीवित करने की जरूरत है। यज्ञों से निकले धुएं से पवित्र वातावरण का निर्माण होता है तथा पर्याप्त वर्षा में ही सहायता मिलती हैै।
रसोई घर की शुद्धता का ध्यान रखे- डॉ. देवेन्द्र शास्त्री ने कहा कि घर परिवार में खुशहाली आये इसके लिये जरूरी है की रसोई घर की शुद्धता बनी रहे। माता बहने रसोई घर की शुद्धता का विशेष ध्यान रखे। भक्ति की यात्रा रसोई घर से शुरू होती है। भोजन बनाते समय तन के साथ मन भी शुद्ध हो, प्रभु का स्मरण करते हुए भोजन बनाये।
बालक ध्रुव की कथा श्रवण कराई- श्रीमद् भागवत में आचार्यश्री ने बालक ध्रुव की कथा श्रवण करते हुए कहा कि जब 5 वर्षीय बालक ध्रुव की उसके पिता उत्पानपाद व सौतेली मॉ ने अवहेलना की तो उसने भगवान हरि के चरणों की शरण ली। बालक ध्रुव ने अपनी माता का आशीर्वाद लेकर घने वन में देवर्षि नारद द्वारा दिये गये मंत्र को बार-बार स्मरण करते हुए कई महीनों तक तप किया। बालक ध्रुव ने अपने समर्पण भाव से प्रभु हरि को प्रसन्न किया और उनकी कृपा पायी बालक ध्रुव की कथा सभी के लिये प्रेरणादायी है।
इन्होनंे लिया भागवत पौथी के पूजन का धर्मलाभ- भागवत कथा के तृतीय दिवस संत श्री कृष्णानंदजी महाराज (मॉ बगलामुखी शक्तिपीठ खाचरोद), रामस्नेही संप्रदाय शाहपूरा के प.पू. संत श्री दिग्विजयरामजी महाराज चित्तौड़गढ़, , खाटूश्याम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष पं. शिवकरण प्रधान, विशेष रूप से पधारे और उन्होंने भागवत कथा में आशीर्वचन दिये।
मंगलवार को ही सकल ब्राह्मण समाज अध्यक्ष पं. दिलीप शर्मा, तलाई वाले बालाजी मंदिर के धीरेन्द्र त्रिवेदी, पं. ओम व्यास, श्री कटलाना, माहेश्वरी समाज अध्यक्ष कृष्णचंद चिचानी, सचिव सत्यनारायण छापरवाल, संरक्षक प्रहलाद काबरा, अग्रवाल देशी पंचायत अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल, श्रीमती निर्मलादेवी स्व. आनंदबाबू सिसौदिया, दीपक सिसौदिया, शैलेन्द्र सिसौदिया, अंकिता सिसौदिया आदि ने भागवत पौथी की आरती की।
कई संस्थाओं ने किया शास्त्रीजी का सम्मान- भागवत कथा के तृतीय दिवस माहेश्वरी समाज, द्विमुखी चिंताहरण गणपति मंदिर गणपति चौक जनकूपुरा, श्री तलाई वाले बालाजी मंदिर ट्रस्ट सहित कई संस्थाओं ने व्यासपीठ पर पहुंचकर यहां भागवताचार्य व ज्योतिषाचार्य पं. डॉ. देवेन्द्रजी शर्मा का शाल, श्रीफल भेंटकर व माला पहनाकर सम्मान किया।
इनका स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष मानसिंह माच्छोपुरिया, संयोजक रिप्पी चावला, सचिव प्रकाश सिसौदिया ने किया। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष ब्रजेश जोशी ने किया।