धोखाधडी में माहिर शातिर अपराधी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कईयों को फसाया जाल में

प्रेम वर्मा

राजगढ़ 20 नवम्बर :अभी तक:  पचोर थाना पुलिस के दल ने अपराधी के चार अपराधों में संलिप्तता पाए जाने पर तत्काल मामला दर्ज किए गए। फरियादियों की रिपोर्ट पर ऋषभ जोशी  के विरुद्ध कूट रचना के जरिए दस्तावेजों की हेर-फेर कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने पर थाना पचोर में धारा 420 एवं अन्य भारतीय दंड विधान की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।

18 नवम्बर 20 को उत्तमसिंह मकवाना निवासी बालाजी नगर, पचोर द्वारा रिपोर्ट की  कि उनके द्वारा एक टैक्टर सोनालिका को ऋषभ जोशी  को 6 लाख 60 हजार रूपये मे विक्रय किया था, इस पर क्रेता द्वारा  टेक्टर डिलेवरी लेते समय 15000 रूपये नगद दिये गये थे, वहीं दोनो क्रेता व विक्रेता के बीच यह तय हुआ था कि शेष राशि का भुगतान टैक्टर का फायनेंस कराकर दिया जाएगा परंतु आरोपी द्वारा आज  तक रुपये नही दिये गये न ही फायनेंस संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए, इस प्रकार प्लानिंग करके 63 हजार की धोखाधडी की गई । उत्तमसिंह  की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूध्द अपराध धारा 420 भादवि के तहत दर्ज  किया गया।

18 नवम्बर 20 को फरियादी रामबाबू  अहिरवार निवासी रोसला जागीर  ( बोडा)  ने रिपोर्ट की कि आरोपी द्वारा  28 अगस्त 19 को महिन्द्रा बुलेरो गाडी  को 7,15,000 (सात लाख पंद्रह  हजार रूपये ) रूपये में खरीदने का लिखित अनुबंध किया था, विक्रय अनुबंध के अनुसार 28 अगस्त 19 को  5,15,000 रूपये नगदी दिये थे एवं गाड़ी फायनेंस कराकर देना तय हुआ था और उसने गाडी अपने कब्जे् मे ले ली थी ,सितंबर 19 को आरोपी ने मेग्मा फायनेंस कंपनी की एनओसी लाकर दी, उक्त एनओसी को शाजापुर आरटीओ मे जमा कर गाडी अपने नाम ट्रांसफर करा ली गई थी परन्तु दिसंबर 19 मे आरटीओ शाजापुर से नोटिस प्राप्त हुआ कि मेग्मा फायनेंस कंपनी की एनओसी फर्जी है, इस प्रकार महेश जोशी व ऋषभ जोशी  ने कूट रचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके साथ धोखाधडी की है।रामबाबू की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूध्द अपराध धारा 420,467,468,471,34  भादवि का दर्ज  किया जाकर जांच मे लिया गया।

18 नवम्बर 20 को ही परेश खरे निवासी लालघाटी भोपाल के द्वारा रिपोर्ट की  कि मै मेग्मा फिनकार्प लिमिटेड कंपनी मे असिस्टेंट मैनेजर के पद पर पदस्थ हू हमारी कंपनी के द्वारा  अनुबंध  के माध्यम एक नवम्बर18 को 6,65,000 रूपये का ऋण महिन्द्रा बुलेरो जिसका रजिस्ट्रशन आवेदक महेश जोशी के नाम से रजिस्टर्ड है , को प्रदान किया गया था जिसका भुगतान 62 सामान किस्तो मे अदा करना था जिसकी किस्त 14,896 (चौदह हजार रूपये) रूपये निर्धारित थी परंतु ऋण गृहिता द्वारा 13 किस्तो का भुगतान किया गया एवं शेष 49 किस्तो का भुगतान किये बगैर  कंपनी की फर्जी एनओसी तैयार कर दृष्टिबंधक वाहन महिन्द्रा  बुलेरो को रामबाबू  अहिरवार निवासी ग्राम रौसला जागीर (पचोर ) को बेच दिया जिससे कंपनी का आज  तक 7,19,600(सात लाख उन्नीस हजार छ: सौ रूपये) रूपये  का ऋण बकाया है इस प्रकार कूट रचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी के साथ धोखाधडी की गयी है । परेश खरे  की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूध्द अपराध  धारा 420,467,468, 471,34 भादवि का दर्ज   किया जाकर जांच  मे लिया गया ।

18 नवम्बर 20 को राजेश लौहार निवासी मेला ग्राउंड पचोर के द्वारा बताया गया कि 4 सितम्बर 19 को मैंने ऋषभ जोशी ,  महेश जोशी से एक वाहन मारूति स्विफ्ट डिजायर कार  6,30,000 रूपये मे खरीदी थी एवं 5,80,000 रूपये नगदी दिये थे आठ दिन बाद बैंक एनओसी एवं वाहन के कागजात प्राप्त  होने पर शेष राशि 50,000 रूपये देना तय हुआ था जो एनओसी देने मे लगातार टाल मटोल करता रहा एवं आठ दिन के अन्दर ही शेष राशि 5,00,00 रूपये भी ले लिये करीब 5-6 माह बाद  बैंक की एनओसी एवं रजिस्ट्रेशन कार्ड दिया जिसे लेकर में भीलवाडा आरटीओ राजस्थान गया और वाहन ट्रान्सफर के लिये आवेदन किया तो पता चला कि उक्त  नम्बर की स्विफ्ट गाडी आरटीओ कार्यालय में ब्लैक लिस्टेड है एवं आरटीओ कार्यालय से मालूम हुआ कि ऋषभ जोशी  द्वारा  दिया गया रजिस्ट्रेशन कार्ड में वाहन स्वामी का नाम एवं पिता का नाम अलग अलग है आरटीओ रिकार्ड मे दर्ज वाहन मारूति स्विफ्ट डिजायर कार  रजिस्टर्ड ऑनर का पता लेकर मेरे परिचित उक्त पते पर गये तो उक्त नम्बर की गाडी वाहन स्वामी के यहा खडी थी मैंने जब इस संबंध  मे ऋषभ जोशी  से बात की तो उसने मुझसे उक्त वाहन वापस ले लिया और मुझे 5,30,000 (पाच लाख तीस हजार रूपये) रूपये का स्वंय का एक्सिस बैंक का चेक दिया और शेष राशि 1,00,000 (एक लाख रूपये) रूपये बाद मे दूंगा बोला परंतु  उसने मेरे एक लाख रूपये वापस नही किये इस प्रकार ऋषभ जोशी द्धारा मेरे साथ कूटरचना कर धोखाधडी कर पहले तो मुझे वाहन बेचा फिर वाहन और रुपये  हडप लिये रुपये वापस मांगने गया तो मा बहिन की गंदी गंदी गालिया देकर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूध्द अपराध धारा -420,467,468, 471, 294,506 भादवि का दर्ज  किया जाकर जांच  मे लिया गया।

आरोपी द्वारा फायनेंस कंपनी से वाहन फायनेंस करवाकर अनेक  व्यक्तियों  को बेचकर फायनेंस कंपनी की फर्जी एनओसी तैयार कर फायनेंस कंपनी व वाहन खरीदने वालो के साथ  धोखाधडी कर कुल 26,40,000 रूपये की धोखाधडी की गई ।
आरोपी ने स्वयं के नाम से एवं उसके पिता के नाम से कई वाहनों के दस्तावेजों की हेराफेरी कर लोगों से रुपयों  का लेनदेन किया एवं धोखाधड़ी को अंजाम देते हुए उनके बाकी के रुपये पचा गया।

पुलिस दल ने आरोपी की धरपकड़ के प्रयास तेज करते हुए आरोपी को  दबोच लिया है। पुलिस कप्तान  प्रदीप शर्मा द्वारा मामले में जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी हेतु थाना पचोर प्रभारी डी पी लोहिया के नेतृत्व में दल का गठन किया गया।
वर्ष 2019 से वर्तमान समय तक आरोपी द्वारा तकरीबन तीन वाहनों के दस्तावेज में हेराफेरी की है जिनमें एक ट्रैक्टर वाहन सहित एक स्विफ्ट एवं एक बोलेरो वाहन शामिल है। आरोपी द्वारा फर्जी एनओसी के माध्यम से विक्रेता के वाहन को अपने नाम से नोटरी करा कर अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड भी करा दिया गया था जिसका विक्रेता को पता भी नहीं लगा और आरोपी उनके रुपये देने में आनाकानी करने लगा इस प्रकार से आरोपी द्वारा कई लोगों को ठग कर शातिर तरीके से धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया है।

थाना प्रभारी पचोर डीपी लोहिया एवं उनके दल द्वारा आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है जिन्हें अग्रिम वैधानिक कार्यवाही उपरांत न्यायालय के समक्ष पेश किया जावेगा।

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