नई अफीम नीति के विरोध में अफीम काश्तकारों ने जिला अफीम कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३० अक्टूबर ;अभी तक; नई अफीम नीति के विरोध में अफीम काश्तकारों ने जिला अफीम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। किसानों ने बताया कि नई अफीम नीति के नाम से केन्द्र सरकार ने पुरानी नीति को ही प्रस्तुत कर दिया जिसमें अफीम किसानों की किसी समस्या  का समाधान नहीं किया गया।
                     किसान नेता योगेन्द्र जोशी ने बताया कि नई अफीम नीति मे कोई बदलाव नहीं किया गया वरन् वही पुरानी नीति को गजट नोटिफिकेशन 2020-21 को लागू कर दिया इससे किसानों में भारी आक्रोश है। अफीम किसानों ने मांग की कि प्रत्येक किसान को दस-दस आरी के लायसेंस दिये जाये। अफीम के भाव में वृद्धि कर लागत मूल्य के आधार पर 10 हजार रूपये प्रति किलो किये जाये। 1998 से पहले रूके हुए समस्त पट्टे बहाल किये जाये। वर्ष 2013-14 में प्राकृतिक आपदा बैमोसम बरसात ओलावृष्टि से कटे हुए लायसें शून्य औसत पर दिये जाये। घटिया अफीम के नाम पर किसानों से दलाली लेने वाले मुखियाओं और अधिकारियों को हटाया जाये। गांव में मुखियाओं को नियम पात्रता अनुसार बनाया जावे। राजनीतिक दबाव प्रभाव में आकर मुखियाओं की वरीयता को न बदला जाये। मुखिया बनाने में मापदण्ड निर्धारित किये जाये। मार्फीन 4.2 के स्थान पर 4.00 की जाये। किसानों ने कहा कि एक माह में उक्त समस्याओं को हल नहीं किया गया तो अफीम काश्तकार मजबूर होकर जिला अफीम कार्यालय के सामने धरना आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
                     इस अवसर पर किसान नेता योगेन्द्र जोशी, मोहनसिंह, सीताराम, भंवरलाल, भेरूलाल राठौर, हीरालाल शर्मा, बलवंत शर्मा, दौलतराम सहित अनेक किसान उपस्थित थे।

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