नई शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन को लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न

महावीर अग्रवाल
मंदसौर १६ सितम्बर ;अभी तक;  सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन को लेकर प्रश्न किया। सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सरकार इस शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के दौरान देशभर में नई शिक्षा नीति कार्यान्वित करने हेतु क्या गंभीर कदम उठा रही है। इसी के साथ ही सरकार को नई शिक्षा नीति के संबंध में राज्य सरकार और शिक्षाविदों तथा अन्य हितधारकों से क्या सुझाव प्राप्त हुए हैं यदि ऐसा है तो इन सुझावों पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई है इसका ब्यौरा दे। सुधीर गुप्ता ने कहां कि क्या इस नई शिक्षा नीति को लेकर किसी राज्य सरकार ने आपत्ति जताई है । वही सरकार द्वारा सभी को शिक्षा प्रदान करके शिक्षा के अधिकार को सशक्त बनाने हेतु क्या कदम उठाए गए हैं और क्या उठाए जा रहे हैं । इसको लेकर भी सरकार का ध्यानाकर्षण किया।
                      सांसद सुधीर गुप्ता के प्रश्न के जवाब में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि शिक्षा नीति को लेकर राज्य, संघ राज्य क्षेत्र सरकारों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार विमर्श के बाद ही अंतिम रूप दिया गया है। नई शिक्षा नीति 2020 में देश के सभी बच्चों को प्री-स्कूल से कक्षा बारहवीं तक व्यवसायिक शिक्षा सहित गुणवत्ताकृत समग्र शिक्षा प्राप्त करने हेतु सार्वभौमिक पहुंच और किफायती अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन हेतु कई पहल और कार्य किए गए है। विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श और एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय 8 सितंबर से 25 सितंबर 2020 सुझाव प्राप्त करने के लिए शिक्षक पर्व का भी आयोजन कर रहा है । मंत्रालय ने उच्चतर शिक्षा में परिवर्तन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका पर राज्यपाल और उपराज्यपाल और शिक्षा मंत्रियों का एक सम्मेलन भी आयोजित किया है । सम्मेलन में राज्य, संघ राज्य क्षेत्रों के राज्यपाल और लेफ्टिनेंट गवर्नर, राज्य और संघ राज्य क्षेत्रों के शिक्षा मंत्री, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया । एनईपी 2020 पर विभिन्न हित धारकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ इसका व्यापक प्रचार किया गया है । इसी के साथ ही शिक्षा मंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी अपनी बात रखते हुए बताया कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रतिबद्ध है। भारत सरकार ने पूर्व की तीन केंद्र प्रायोजित योजनाओं सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा की रद्द करके 2019 में स्कूल शिक्षा की एक एकीकृत योजना समग्र शिक्षा की शुरुआत की है। यह योजना आरटीआई अधिनियम के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को समर्थन प्रदान करती है।

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