नगर की सत्ता तक पहुंचने के लिए कांग्रेस 2 कदम, तो भाजपा 6 कदम दूर

8:55 pm or July 25, 2022
मोहम्मद सईद
शहडोल, 25 जुलाई ; अभी तक  ; नगरीय निकाय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर अब सभी की निगाहें टिकी हुई है। अब चर्चा सिर्फ इस बात की हो रही है कि आखिर कौन अध्यक्ष और कौन उपाध्यक्ष बनेगा। एक मात्र नगर पालिका होने के कारण सर्वाधिक चर्चाओं में धनपुरी नगर पालिका है। धनपुरी नगर पालिका के 28 वार्डों के नतीजों के बाद जो तस्वीर उभर कर सामने आई है, उससे यह बात स्पष्ट हो गई है कि जहां कांग्रेस नगर पालिका की सत्ता से महज दो कदम की दूरी पर है। तो वहीं भाजपा नगर सत्ता से 6 कदम दूर है। धनपुरी में कांग्रेस और भाजपा द्वारा राजनीति की बिसात बिछाई जा चुकी है और दोनों ही पार्टियों की निगाह 6 निर्दलीय पार्षदों पर लगी हुई है।
भाजपा चक्रव्यूह तैयार करने में जुटी
                   नगर पालिका धनपुरी में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से सबसे प्रबल दावेदार पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व वार्ड क्रमांक एक से निर्वाचित पार्षद श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा हैं। यहां यह भी बताना लाजमी है कि श्रीमती छावड़ा, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य इंद्रजीत सिंह छावड़ा की पत्नी हैं।
                     राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है, कि भाजपा पार्षदों की संख्या बल को देखते हुए पूर्व जिला अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता इंद्रजीत सिंह छाबड़ा कोयलांचल के एक ऐसे नेता हैं, जो भाजपा के पक्ष में समीकरण निर्मित कर सकते हैं। श्री छाबड़ा की सक्रियता भी इस बात को इंगित कर रही है कि वे चक्रव्यूह तैयार करने में जुटे हुए हैं। हालांकि ऐसी भी चर्चा है कि पार्टी के अंदर ही एक गुट है जो श्री छाबड़ा को घेरने की रणनीति बना रहा है। यही कारण है, कि वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद स्कन्द सोनी का नाम भी अब कुछ लोग आगे बढ़ा रहे हैं।
                        भाजपा नेता इंद्रजीत छाबड़ा से जब चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के द्वारा किया जाना है और अध्यक्ष पद के लिए पार्टी ही नाम तय करेगी। श्री छाबड़ा कहना है, कि हमारी संख्या 9 है, जबकि 6 निर्दलीय पार्षदों में अधिकांश पार्षद भाजपा विचारधारा के हैं। उनका यह भी कहना है कि पार्टी जिस नाम को भी तय करेगी वे उसे विजयी बनाएंगे।
चौथी बार पार्षद बनें हैं शोभाराम
                 कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए शोभाराम पटेल का नाम लिया जा रहा है। शोभाराम पटेल इससे पूर्व नगर पालिका में तीन बार उपाध्यक्ष रह चुके हैं और वे अब कांग्रेस से चौथी बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। शोभाराम पटेल पहली बार वर्ष 1999 वार्ड क्रमांक चार से पार्षद निर्वाचित हुए थे। दूसरी बार वर्ष 2004 में और तीसरी बार वर्ष 2012 में वे वार्ड क्रमांक 11 से पार्षद निर्वाचित हुए थे। हाल ही में हुए निर्वाचन ने शोभाराम पटेल ने वार्ड क्रमांक 3 से जीत हासिल की है। श्री पटेल दो बार अलग-अलग वार्डों से जीतकर आए हैं।
उपाध्यक्ष के लिए एक नाम ही चर्चा में
                  उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से वार्ड क्रमांक 17 से निर्वाचित पार्षद हनुमान खंडेलवाल का ही सामने आया है। ऐसी जानकारी सामने आ रही हैं कि कांग्रेस पार्षद एक मतेन हनुमान खंडेलवाल के नाम पर अपनी सहमति जता चुके हैं। श्री खंडेलवाल का नाम कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं में शामिल है।
                  वर्ष 1994 में कांग्रेस के जन नायक दलवीर सिंह के हाथों कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले हनुमान खंडेलवाल अपने राजनीतिक सफर में कांग्रेस पार्टी के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहे हैं। वर्तमान में वह जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हैं। कांग्रेस में उनकी अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चाहे श्रीमती राजेश नंदनी सिंह के लोकसभा का चुनाव हो या फिर विधानसभा के चुनाव हों, कोयलांचल में चुनाव का संचालन श्री खंडेलवाल के हाथों में ही रहा है। भारतीय जनता पार्टी में अभी तक उपाध्यक्ष पद को लेकर किसी का भी नाम सामने नहीं आया है।
1994 में भी पार्षदों ने चुना था अध्यक्ष
                     धनपुरी में नगर पालिका परिषद के लिए पहला चुनाव वर्ष 1994 में हुआ था। उस वक्त भी पार्षदों ने ही अध्यक्ष का चुनाव किया था। वर्ष 1994 में अध्यक्ष का पद आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित था। बहुजन समाज पार्टी की एक मात्र महिला प्रत्याशी सियावती कोल पार्षद निर्वाचित हुई थी। आदिवासी वर्ग से एक मात्र पार्षद होने के कारण बाद में सियावती कोल ही अध्यक्ष चुनी गई थीं, जबकि कांग्रेस नेता मुबारक मास्टर उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।