नगर पालिका ने खरीदा काऊकेचर बना शोपीस

4:24 pm or June 10, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल १० जून ;अभी तक;  मनमर्जी से खरीदी करने को लेकर विवादों से घिरी नगर पालिका इन दिनों काऊ केचर खरीदी को लेकर चर्चा में है। नपा द्वारा अनेक ऐसी वस्तुएं खरीदी जा रही है जिनका कोई विशेष उपयोग ही नहीं है। जानकार बताते है कि परिषद नहीं होने से सीएमओ द्वारा जमकर खरीदी का खेल खेला जा रहा है। नगर पालिका द्वारा खरीदा गया काऊ केचर इन दिनों तहसील कार्यालय की शोभा बढ़ा रहा है। हालांकि नगर पालिका द्वारा खरीदे गए काऊ केचर से अब तक कोई मवेशी पकड़ा गया या नहीं इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है।

पौने चार लाख में की थी खरीदी

लगभग 3 लाख 70 हजार रुपए में खरीदा गया यह काऊ केचर फिलहाल तो तहसील कार्यालय में खड़ा है। जोकि वहां की शोभा बढ़ा रहा है। काऊ केचर क्यों खरीदा गया? इस पर ही सवाल उठ रहे हैं। आवारा मवेशियों के लिए बना कांजी हाउस खस्ताहाल है उसे सुधारने की बजाए काऊ केचर खरीदना किसी के गले नहीं उतर रहा है। पूर्व पार्षद हनी सरदार ने इस पर आपत्ति लेते हुए कहा कि नगर के विकास कार्यों को छोड़कर खरीदी पर जोर दिया जा रहा है। वे पिछले 5 साल परिषद में रहे तब कभी भी काऊ केचर को लेकर कोई डिमांड नहीं आई थी। अब अचानक नगर पालिका द्वारा काऊ केचर खरीदा जाना संदेह के घेरे में आता है।

खरीदी को लेकर नपा पर उठ रहे सवाल

नगर पालिका में खरीदी के लिए नियम निर्धारित है। जब तक परिषद थी तब तक परिषद में प्रस्ताव लेकर अध्यक्ष एवं पार्षदों की सहमति पर नगर के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदी की जाती थी। नगर के विकास को प्राथमिकता पर रखा जाता था एवं अति आवश्यक होने पर ही खरीदी की जाती थी। फिलहाल परिषद नहीं है और बतौर प्रशासक एसडीएम कार्य कर रहे हैं। मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर अपनी मनमर्जी से जमकर खरीदी के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि काऊ केचर के अलावा भी बहुत सी खरीदी नगर पालिका द्वारा की गई है। जिस की समय समय पर शिकायते भी होती गई है।
गुपचुप खरीदी करने का आरोप
नगर पालिका पर इन दिनों गुपचुप तरीके से खरीदी करने के आरोप लग रहे हैं। संबंधित विभाग के बाबू से पूछने पर वे अनभिज्ञता जाहिर करते हैं इसके अतिरिक्त विभाग के इंजीनियर भी किसी भी तरह की खरीदी के बारे में पूछे जाने पर अनभिज्ञता जताते हैं। कौन सा विभाग कौन सा बाबू देख रहा है? इसकी भी जानकारी नहीं है। पूरी नगर पालिका सीएमओ के इर्द-गिर्द घूम रही है और बड़े गुपचुप तरीके से खरीदी की जा रही है। पूर्व पार्षद एवं विधायक प्रतिनिधि बबलू साहू ने बताया कि उन्होंने जब नगर पालिका से इस संबंध में जानकारी चाही तो सीएमओ ने जानकारी देने से इंकार कर दिया और कहा कि विधिवत सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर ही उन्हें जानकारी दी जाएगी। बबलू साहू ने बताया कि पहले भी पार्षद रह चुके हैं लंबे समय से नगर पालिका की कार्यप्रणाली देख रहे हैं कभी भी ऐसा नहीं हुआ की नगर पालिका में गुपचुप तरीके से खरीदी की जाए। नागरिकों सहित पार्षद जो भी जानकारी चाहता था उसे जानकारी मिल जाती थी किंतु फिलहाल ना किसी बाबू को जानकारी है और ना ही सीएमओ बताने को तैयार है। ऐसे में यह समझ नहीं आ रहा की इतने गुपचुप तरीके से खरीदी क्यों की जा रही है?