नदी-नाले उफने, 12 घंटे एनएच जाम

मयंक भार्गव

बैतूल २९ अगस्त ;अभी तक;  जिले में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरूवार रात से शुरू हुई झमाझम बारिश शुक्रवार को लगभग दिनभर जारी रही। मूसलधार बारिश से जिले नदी-नालों के उफनने से आवागमन बाधित हो गया। लगातार हो रही तेज बारिश से नागपुर भोपाल मार्ग पर शाहपुर, भौरा के समीप स्थित धार, सूखी एवं भौरा नदी में बाढ़ आ जाने से शुक्रवार सुबह 6 बजे से आवागमन ठप्प हो गया। बाढ़ उतरने के बाद सायं करीब साढ़े पांच बजे आवागमन शुरू हुआ।

इधर जिला मुख्यालय पर स्थिती करबला माचना नदी में आई बाढ़ से प्रात: साढ़े सात बजे से प्रात: लगभग 11 बजे तक बैतूल से परतवाड़ा, खंडवा, इंदौर के बीच आवागमन बंद रहा। लगातार बारिश से जहां जनजीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं फसलों को भी खासा नुकसान हुआ है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से जिले के विभिन्न क्षेत्र में मक्का की फसल खेतों में गिर गई, वहीं खेतों में जलभराव होने से सोयाबीन सहित सब्जी फसलों को जबरदस्त नुकसान का अनुमान है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन में जिले में अतिवृष्टि की चेतावनी दी है। चौबीस घंटों के दौरान जिला मुख्यालय बैतूल में जहां लगभग चार इंच बारिश रिकार्ड की गई। वहीं 28 अगस्त तक बैतूल जिले में औसत 31.17 इंच बारिश हो चुकी।
शहर- गांव पानी-पानी, खेत बने तालाब
रात को जिला मुख्यालय सहित जिले के बड़े इलाके तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। जो शुक्रवार को दिन भर जारी रहा। जिलेभर में लगातार हुई तेज बारिश से शहर- गांव पानी-पानी हो गये तथा अत्यधिक जलभराव से खेत तालाब नजर आने लगे। जिला मुख्यालय बैतूल में हुई मूसलाधार बारिश से गलियां, सड़के- नालियां जलमग्न हो गई। गंज रेलवे अंडर ब्रिज में पानी भर जाने से वहां एक मारूती वैन फंस गई। जिसको नागरिकों की मदद से बाहर निकाला गया। इधर तेज बारिश से विनोवा वार्ड में लाखों रूपए से बनी रिटर्निंग वॉल बह गई। रात के साथ दिन में हुई तेज बारिश से माचना एनीकेट भी ओव्हर फ्लो हो गया। जिला मुख्यालय स्थित हाथी नाले में आयी बाढ़ से नाले के किनारे बने मकानों सहित निचली बस्तियों में पानी घुस गया। हालांकि जान माल को नुकसान नहीं हुआ है।
जलस्तर मेंटेन रखने जलाशयों के गेट खोल
शुक्रवार दिन भर हुई बारिश से नदी नालों में बाढ़ आ गई। जिले की प्रमुख ताप्ती, अम्बोरा, माचना, सापना, पूर्णा, माण्डू, सूखी, धार नदियों सहित अन्य नदियों सहित नाले उफान पर नजर आये। नदी नालों में आयी बाढ़ से जलाशयों के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हो गई। जलाशयों के गेट खोलकर जलस्तर को मेंटेन रखा गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सारणी- आमला इलाकों में हुई जबरदस्त बारिश से सारणी स्थित सतपुड़ा जलाशय में तेजी से हो रहे जलभराव को मेंटेन रखने के लिए जलाशय के 12 गेट खोलकर जलप्रवाह किया गया। इधर ताप्ती नदी पर स्थिती पारसडोह जलाशय के सभी 6 गेट 60-60 सेमी खोलकर 410 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकेण्ड प्रवाहित किया गया। साथ ही ताप्ती नदी पर निर्मित चंदोरा जलाशय के छ: में से पांच गेट 30-30 सेमी खोलकर 11.93 क्यूबिक मीटर पानी प्रति सेकेण्ड प्रवाहित किया गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केन्द्र भोपाल द्वारा 28 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन में बैतूल सहित नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, होशंगाबाद जिलों में 24 घंटों के दौरान अत्यधिक बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम केन्द्र भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार उक्त जिलों के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान आइसोलेटेड क्षेत्रों में लगभग 8 इंच तक बारिश हो सकती है। 30 एवं 31 अगस्त मौसम में विशेष परिवर्तन नहीं होने से भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान
लगातार हुई तेज बारिश से खेतों में जलभराव होने से फसलों को नुकसान होने की आशंका कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जताई जा रही है। इधर बारिश के दौरान तेज हवाये चलने से जिले के बड़े इलाके में खेतों में खड़ी मक्का की फसल गिर जाने से किसानों को बड़ा नुकसान होने का अनुमान लगाया जा सकता है।

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