नपा परिषद ने भगवान श्री पशपुतिनाथ मेले को भी नही छोडा, सांस्कृतिक कार्यक्रमो में जमकर किया भ्रष्टाचार-श्री भाटी

5:37 pm or November 20, 2022
महावीर अग्रवाल
मंदसौर २० नवंबर ;अभी तक;  हमेशा से ही हिंदू धर्म और संस्कृति का राग अलापने वाली भारतीय जनता पार्टी की नपा परिषद को जब भी अवसर मिलता है धार्मिक आयोजनो में भी भ्रष्टाचार करने से नही चुकती है। नपा परिषद में चुने हुए भाजपा के जनप्रतिनिधि भगवान पशुपतिनाथ मेले के नाम से भी भ्रष्टाचार करने का कोई अवसर नही छोडा है। भगवान पशुपतिनाथ  मेले की ख्याति को राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाने की बजाय उसमें लाखों रुपए का भ्रष्टाचार कर ख्याति को मिटाने का कार्य कर रहे हैं।
                                 यह बात जिला कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश भाटी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। उन्होनें भवगान श्री पशपुतिनाथ मेले में हुये भ्रष्टाचार के प्रमाण प्रस्तुत करते हुये कहा कि कोरोना काल के बाद लम्बे समय बाद आयोजित होने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार भाजपा के जनप्रतिनिधि कर रहे है। कोरोना काल के दौरान मेला स्थगित होेने के चलते अंचल वासियो में मायुसी थी किन्तु नपा की नवीन परिषद आयी तब यह कयास लगाये जा रहे थे कि इस बार भगवान श्री पशुपतिनाथजी का मेला भ्रष्टाचार से मुक्त होगा किन्तु सारे कयास उलटे निकले और इस परिषद ने भी भाजपा की पुरानी परिषदो की तर्ज भ्रष्टाचार करने में कसर नही छोडी है।
                                   श्री भाटी ने कहा कि नपा द्वारा आयोजित गीता रेबारी का वास्तविक मूल्य जिसका  कोटेशंस भी सलग्न हैं 5 लाख है किंतु मंदसौर नगर पालिका परिषद 7 लाख 40 हजार रुपये का भुगतान इस कार्यक्रम के बदले कर रही है इस तरह  2लाख 40 हजार का भ्रष्टाचार इस कार्यक्रम में किया जा रहा है। अभिजीत सावंत का के कार्यक्रम का वास्तविक मूल्य 6लाख है किंतु मंदसौर नगर पालिका के जिम्मेदार इसका भुगतान 11 लाख 50 हजार रुपये कर रहे हैं इस तरह इस कार्यक्रम में 5 लाख 50 हजार का खुले रूप से भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जय विजय के कार्यक्रम का वास्तविक मूल्य कोटेशन अनुसार 3लाख रुपये है किंतु इसका भुगतान 3 लाख 49 हजार रुपये किया जा रहा है 49 हजार का भ्रष्टाचार इस कार्यक्रम में किया जा रहा है। कवि सम्मेलन के कार्यक्रम का वास्तविक मूल्य लगभग 7 लाख रुपये है किंतु इसका भुगतान 11 लाख 50 हजार रुपये मन्दसौर नगर पालिका परिषद द्वारा किया जा रहा है इस तरह इस कार्यक्रम में  4 लाख 50 हजार रुपये का भ्रष्टाचार नपा कर रही है।
                                      श्री भाटी ने कहा कि नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रमो और अन्य संस्थाओ द्वारा आमंत्रित किये गये कोटेशन में काफी अंतर है। मंदसौर नगर पालिका परिषद अगर चाहती तो इन कार्यक्रमो को काफी कम खर्च पर करवा सकती थी किन्तु कमीशन और भ्रष्टाचार की गंगा में भाजपा जनप्रतिनिधि हाथ धोना चाहते है भले ही भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर से जुडे इस मेले की गरिमा भले ही धूमिल क्यो ना हो जाये।