नये कृषि कानूनों के विरोध में  कई स्थानों पर प्रदर्शन  और पुतला दहन

राजेंद्र तिवारी

जगदलपुर २५ सितम्बर ;अभी तक; अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर  आज नए कृषि कानूनों के विरोध में छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर  आंदोलनकारियों ने  उग्र प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के पुतले जलाए। आंदोलनकारी नए कानूनों को वापस लेने की मांग भी केंद्र सरकार से कर रहे हैं।

कोरोना महामारी के प्रकोप और लॉकडाउन के बावजूद आज कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेश की सभी वामपंथी पार्टियों के साथ-साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने उग्र प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के पुतले जलाए ।छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता संजय पराते ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से छुटकारा पाने के लिए   उक्त  नए कृषि कानून को लागू कराने जा रही है ।उन्होंने मांग की है कि कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की बजाय केंद्र सरकार को किसानों के हित में तत्काल उक्त कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। आज के विरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदिवासी एकता मजदूर संगठन , छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ,हसदेव बचाओ आरण्य संघर्ष समिति, राजनांदगांव जिला किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन, दलित आदिवासी मंच, क्रांतिकारी किसान सभा, जनजाति अधिकार मंच, छत्तीसगढ़ किसान महासभा, पलकोट किसान संघ, वन अधिकार संघर्ष समिति जैसे संगठनों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उक्त विरोध प्रदर्शन में  सम्मिलित हुए ।कहीं से भी किसी अप्रिय वारदात की सूचना नहीं है। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।इति

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