नर्मदा योजना के ध्वस्त होने से मची त्राही माम् को लेकर संगठन शनिवार को निकालेगा विश्वा की शव यात्रा।

मयंक शर्मा
खंडवा २५ जून ;अभी तक;  नम्रदा की जल आपूर्ति योजना के निंरतर ध्वस्त होने को लेकर शनिवार
26 जून को दोपहर 12 बजे बस स्टैंड ओवर ब्रिज के पास से नगर निगम परिसर तक
विश्वा की शव यात्रा निकाली जायेगी। विश्वा इन्फ्रास्ट्क्चर कंपंनी
हैद्रबाद ने पीपपी मोड में योजना का आकार देने के साथ 25 साल तक नगर की
जलवितरण व्यवस्थापर कब्जा कर रखा है लेकिन दर साल नया अपना ही रिकार्ड
तोडने की होड में जंुटी विश्वा कम्पनी की पाइ्रप लाईन के बार बार ं फूटने
से पानी के लिये त्राही त्राही करती जनता की आवाज बनने के सोशल संगठन
जनता की आवाज ने शनिवार को विश्वा की शव यात्रा निकालने की घोषणा की है।
संगठन की ओर से जानकारी कमल नागपाल ने दी।
शहर में नर्मदा जल वितरण व्यवस्था  ठप हो गई है। चारखेड़ा फिल्टर प्लांट
पर बैकवाटर में गाद बढ़ने से विश्वा कंपनी ने शुक्रवार को एक और मोटर पंप
बंद कर दिया है। अब तक प्लांट से एक मोटरपंप चलाकर पानी शहर तक भेजा जा
रहा था। इससे शहर में कम मात्रा और प्रेशर से पानी आ रहा है। करीब एक
पखवाड़े से पानी के लिए परेशान शहरवासियों में पानी को लेकर हाहाकार है।
विकल्प रूप मेें नगर के 50 वार्डों के रहवासी पूरी तरह टैंकरों से वितरित
होने वाले पानी पर आश्रित हो गए हैं।
चारखेड़ा फिल्टर प्लांट से जलापूर्ति प्रभावित होने को करीब एक महीना
होने को है। शुरुआती दौर में विश्वा कंपनी के इंजीनियरों ने कहा था कि
इंदिरा सागर जलाशय का जलस्तर घटने से इंटकवेल के तीसरे पोर्ट से पानी
लेना पड़ रहा है इसलिए पानी में टर्बीडिटी (मटमैलापन) बढ़ने से पर्याप्त
मात्रा में पानी नहीं दे सकते। इसके बाद चारखेड़ा से दो मोटरपंप चलाकर
मटमैला पानी दिया जा रहा था। शुक्रवार को एक मोटर पंप ही चलाए जाने से
शहर में कहीं भी नर्मदा जल का वितरण नहीं हो सका।
नगर निगम के परंपरागत जलस्रोत सुक्ता बांध जसवाड़ी से भी जलापूर्ति लगभग
ठप है। इससे माता चैक ,इंदिरा चैक सहित आसपास के क्षेत्रों में भी पानी
नहीं वितरित हो पा रहा है। मौजूद संकट से लोगों को तात्कालिक राहत की
बजाए अधिकारी भविष्य की योजनाएं की दुहाई देने से लोगों में आक्रोशपनप
रहा है।
विश्वा कंपनी के इंजीनियर देवेंद्र सिंह ने कहा कि  अधिक मोटर पंप चलाना
मुश्किल हो रहा है। पानी में पांच हजार यूएनटी से अधिक टर्बीडिटी
(मटमैलापन) आ रही है। गाद कम होने पर ही दो से अधिक मोटर पंप चलाकर पानी
दिया जा सकता है।जरूरत सभी 6 पंप चलाने की है लेकिन एक साथ 3 से अधिक
चलाने में लाइध््रजिग पाईप  लाईन दम तोड जाती है।