नव वर्ष में 246 वाहनों से 1300 पर्यटकों ने किया कान्हा का भ्रमण

11:08 am or January 3, 2022

नारायणगंज से प्रहलाद कछवाहा

मंडला  0३  जनवरी ;अभी तक;  विश्व की सबसे बड़ी जैव विविधता की प्रयोगशाला राष्ट्रीय उद्यान कान्हा है। जहां पर हर प्रकार की जीव जंतु वनस्पति वनों से आच्छादित है। दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु एवं वन्य प्राणी की उपलब्धता है। राष्ट्रीय उद्यान कान्हा के नाम से मंडला जिले को पूरी दुनिया में जाना जाता है। कान्हा नेशनल पार्क भारत के मध्यप्रदेश में मंडला और बालाघाट जिले की सीमा कान्हा में स्थित है। 1930 के दशक में कान्हा क्षेत्र को दो अभ्यारण्यों में बांटा गया था, हालोन और बंजर। जिसका एरिया 250 और 300 वर्ग किलोमीटर था।

                      जानकारी अनुसार कान्हा नेशनल पार्क को 1 जून 1955 को बनाया गया। इसकी सीमाएं 940 वर्ग किमी मंडला और बालाघाट जिले में फैला हुआ है। इसके बाद 110 किमी फैन सेंचुरी के साथ यह कान्हा टाइगर रिजर्व को 1973 में बनाया गया। जिसके बाद इसका और विस्तार किया गया।  कान्हा टाइगर प्रोजेक्ट के रूप में 14 अप्रैल 2010 को लिया गया था। यह मध्य भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। इस पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर तेंदुए, भालू, बारहसिंघा और जंगली कुत्ते की महत्वपूर्ण आबादी है।

इसके साथ ही कान्हा के जंगल में सरई, साल, बॉस समेत अन्य वृक्षों का मिश्रण जंगल है। यहां पर भारतीय भूत कहीं जाने वाला कुल्लू वृक्ष भी देखा जा सकता है। यहां पर घास की भी कई प्रजातियां हैं, जो बारहसिंघा के अस्तित्व के लिए जरूरी है। कान्हा नेशनल पार्क निश्चित रूप से मंडला  को प्रकृति में अनुपम धरोहर के रूप में जंगली प्रजातियों जीवों को स्वर्ग की दुनिया मानी गई है। यहां अनेक दुर्लभ प्रजातियों की वनस्पति की विविधता प्राप्त होती है इसलिए दुनिया की सबसे बड़ी जैव विविधता की लैब राष्ट्रीय उद्यान कान्हा को माना गया है।

कान्हा है सबसे बेहतरीन :

कान्हा नेशनल पार्क का भ्रमण करने पहुंचे पर्यटकों ने बताया कि कान्हा का जंगल बहुत ही सुंदर और मनमोहक है। यहां बार-बार आने का मन करता है। पर्यटकों ने बताया कि इससे पहले भी कान्हा पार्क में बाघों को देखने का मौका हमें मिल चुका है। पर्यटकों ने कान्हा को सबसे बेहतरीन बताया। पर्यटकों का कहना था कि उन्हें तो वापस कान्हा देखने आना ही था। लेकिन इस बार तो कभी न भूलने वाला अवसर कान्हा में मिल गया। अब तो बार बार कान्हा आने का मन करेगा।

आकर्षण का केंद्र बना कान्हा पार्क :

कान्हा नेशनल पार्क में पर्यटकों को इन दिनों बाघ के दीदार बहुत ही अच्छे से हो रहे है। पार्क आने वाले पर्यटक मायूस नहीं हो रहे हैं। पर्यटकों को बाघ सहित अन्य वन्यप्राणियों के दीदार हो रहे हैं। जिसके चलते इस समय देशभर में कान्हा नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पर्यटकों को कान्हा बेहद भा रहा है। यहां आने वाले पर्यटक दोबारा जरूर आना चाहते हैं। खूबसूरत जंगल के साथ बाघों को देखना पर्यटकों के लिए एक अलग ही आकर्षण लेकर आता है। यही कारण है कि कोरोना संकट काल में भी देश विदेश के पर्यटकों के लिए कान्हा नेशनल पार्क इस समय सबसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शुमार हो गया है। भारत या मध्यप्रदेश भ्रमण के दौरान पर्यटकों की लिस्ट में कान्हा पार्क घूमना जरूर शामिल रहता है।

वाइल्ड लाईफ प्रेमी भी पहुंच रहे पार्क :

कोरोना महामारी के बाद फिलहाल ओमिक्रोन का संक्रमण फैल रहा है। जिसे देखते हुए कान्हा पार्क में आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होने का अंदाजा था लेकिन पार्क खुलने के बाद पार्क पर्यटकों से गुलजार चल रहा है। बाघ के दीदार के कारण कान्हा में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। सैकड़ों पर्यटक पार्क भ्रमण करने पहुंच रहे है। कान्हा पहुंचकर पर्यटक  जंगल सफारी का आनंद ले रहे है। यहां आए पर्यटकों में दूसरे राज्यों से आए वाइल्ड लाइफ प्रेमी भी शामिल है।  कान्हा टाइगर रिजर्व में कोरोना संक्रमण को देखते हुए पार्क में इससे बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम भी किये गए। शासन, प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार पर्यटकों को भ्रमण कराया जा रहा है।

178 वाहनों से हो रहा भ्रमण :

कान्हा पार्क में 178 वाहनों को प्रवेश मिल रहा है। जिसमें कान्हा जोन में 59 वाहन, सरही में 36 वाहन, मुक्की में 58 वाहन, किसली में 25 वाहन से पर्यटकों को भ्रमण कराया जा रहा है। वहीं कोर एरिया में पर्यटकों के लिए 178 वाहन सफारी के लिये रहते है। नए वर्ष के पहले दिन करीब 1300 पर्यटकों ने कान्हा की सफारी का लुफ्त उठाया। जिसमें सुबह की पाली में 126 वाहनों से 653 पर्यटक और शाम को 120 वाहनों से 660 पर्यटकों ने कान्हा की सफारी की।

दो दिन में 449  वाहन ने कराया पर्यटकों को भ्रमण:

कान्हा नेशनल पार्क इस समय पयर्टकों से गुलजार है। नववर्ष को लेकर पर्यटक पहले ही अपनी टिकिट बुक करा चुके थे, जिसके कारण कान्हा पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहा है।  कान्हा पार्क में नए साल के एक दिन पहले और नव वर्ष के दिन करीब 449 वाहनों से पर्यटकों ने सफारी का आंनद लिया। जिसमें 31 दिसंबर को सुबह की पाली में खटिया जोन से 58 वाहन में 386 पर्यटक, मुक्की जोन से 45 वाहन से 238 पर्यटक, सर्री जोन से  6 वाहनों से 29 पर्यटक, और शाम की पाली में खटिया जोन से 40 वाहन से 283 पर्यटक, मुक्की जोन से 42 वाहन से 226 पर्यटक और सर्री जोन से 2 वाहनों से 12 पर्यटकों ने कान्हा की सैर की। वर्ष 2021 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को 203 वाहनों से पर्यटकों ने कान्हा की सफारी की। सूर्य की पहली किरण के साथ वर्ष 2022 की शुरूआत हुई और कान्हा पर्यटकों से गुलजार हो गया। नव वर्ष के दिन करीब 1300 पर्यटकों ने कान्हा की सफारी की।  जिसमें 01 जनवरी को सुबह की पाली में 126 वाहन और शाम की पाली में 120 वाहनों से पर्यटकों ने भ्रमण किया। जिसमें सुबह की पाली में खटिया से 70 वाहन में 374 पर्यटक, मुक्की से 45 वाहन से 235 पर्यटक और सर्री से 9 वाहन से 44 पर्यटक भ्रमण किए। शाम की पाली में खटिया जोन से 68 वाहन से 400 पर्यटक, मुक्की से 45 वाहन से 226 पर्यटक और सर्री जोन से 7 वाहनों से 34 पर्यटकों ने सफारी की।