नशामुक्ति अभियान सप्ताह के क्रम में सीतामऊ में हुआ आयोजन 

5:59 pm or October 6, 2021
नशामुक्ति अभियान सप्ताह के क्रम में सीतामऊ में हुआ आयोजन 
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर 6 ओटोबेर ;abhi tk;  मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार गांधी जयंती से पुलिस प्रशासन तथा नारकोटिक्स विंग के संयुक्त तत्वावधान में मद्य निषेध सप्ताह कार्यक्रम के क्रम में चौथे दिवस सीतामऊ के एक निजी शिक्षण संस्था उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय पेरामाउंट में नशामुक्ति अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ।
            कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बचपन में शिक्षण काल में ही नशे से दूर रहने, कुसंग में नहीं पड़ने तथा जीवन को उत्तरोत्तर उन्नति के पथ पर ले जाने के लिये मंचासीन चैतन्य आश्रम मेनपुरिया के युवाचार्य  मणी महेश चैतन्य महाराज, पतंजली योगगुरू बंशीलाल टांक, सीतामऊ थाना प्रभारी दिनेश प्रजापत, नारकोटिक्स प्रकोष्ठ के थाना प्रभारी संजय उइके ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
               संत श्री मणी महेश चैतन्यजी महाराज ने अपराध के मूल में अविवेक तथा विचार शून्यता बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के दुःख का कारण उसके बुरे कार्य और सुख का माध्यम उसके अच्छे कर्म है। 84 लाख योनियों में मनुष्य योनी को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि नशा आदि करके भगवान की इस सुन्दर कृति को गन्दा-अपवित्र नहीं करना चाहिए। भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री श्री अमित शाह, म.प्र. के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान जैसे राजनेताओं का उदाहरण देकर कहा कि जिनके जीवन में कोई व्यसन नहीं होता उनकी सोच सदैव अच्छी कल्याणकारी होती है।
                 सीतामऊ टी.आई. श्री प्रजापति ने कहा कि अधिकांश अपराधों का मुख्य कारण जहां एक ओर कथा है वहीं दूसरी ओर समाज में फैली कुरीतियों का दुष्परिणाम भी है। विद्यार्थियों को प्रजापति ने कुसंग में  पड़कर भूलकर भी शराब-गुटखा आदि का नशा नहीं करने के साथ ही दूसरा सबसे अच्छा नशा पढ़ाई में सबसे आगे अच्छे नम्बर लाने, सबके साथ प्रेम से मिलने, माता-पिता गुरूजनों, बड़ों का सम्मान, उनका आशीर्वाद लेकर जीवन उत्तरोत्तर अच्छे कार्य करने का होना चाहिए।
नारकोटिक्स टी.आई. श्री संजय उइके ने नशामुक्ति अभियान का उद्देश्य युवा पीढ़ी के साथ ही समाज को नशे के जाल से मुक्त कराना है। बच्चों को अपने घरों में जो पालक नशा  करते है, उन्हें विनय पूर्वक नशे से रोकना चाहिए।
योग गुरू श्री टांक ने विद्यार्थियों को आंखों पर कभी चश्मा नहीं लगे, उनकी स्मरण शक्ति तीव्र बनी रहे, सर्दी जुखाम, खांसी, कोरोना आदि बिमारियों से बचे रहे उसके लिये प्राणायाम के साथ शरीर स्वस्थ व सुन्दर बलवान बने इसके लिये व्यायाम भी बताये। टांक की प्रत्येक योग क्रिया का विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ ही तथा शिक्षण संस्था के सभी सदस्यों ने काफी सराहा।