नशा नाश की जड़ है, परिवार की खुशहाली और स्वयं के स्वास्थ्य के लिये इससे दूर रहे

महावीर अग्रवाल
  मंदसौर २ अक्टूबर ;अभी तक;  गांधी जयंती 2 अक्टूबर को स्थानीय महाराणा प्रताप स्टैंड पर नशा मुक्ति अभियान के तहत नशामुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.एल. राठौर पतंजलि योग संगठन जिला प्रभारी योग गुरु बंशीलाल टांक, ब्रह्मकुमारी हेमलता दीदी के मुख्य अतिथि और डी.एस.पी. विवेक गुप्ता, टी.आई. हरीश सोलंकी उपनिरीक्षक हेमेन्द्र जोशी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। बस स्टेण्ड पर चाय नाश्ता रेस्टोरेंट पर बैठे यात्रियों तथा अन्य के साथ ही बसों में सवार यात्रियों को नशे से दूर रहने की समझाईश के साथ ही नशामुक्ति के परचे भी बांटे गये।
इस अवसर पर मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री राठौर ने नशे को एक सामाजिक कुरीति बुराई बताते हुए कहा कि विशेषकर युवा वर्ग इसमें फंसता जा रहा है नशा केवल दारू-शराब का ही नहीं बिड़ी सिगरेट आदि जितने भी नशे है जीवन में आगे बढ़ने के लिये हर प्रकार के नशे को छोड़ना पड़ेगा।
डीएसपी श्री विवेक गुप्ता ने नशे को स्वास्थ्य का सबसे बड़ा शत्रु बताते हुए कहा कि नशे की लत से समस्त बुराईयों के साथ अनेक बिमारियों घर लेती है एक व्यक्ति के नशे की बुरी आदत समस्त परिवार के सुख-चैन को छीन एक लेता है। यदि  नशा करने वाले को नशा करने से  उसके पहले यह सोच लेना चाहिए कि नशा करने से उसे स्वयं को स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसान हो रहा है जिसका दुष्परिणाम उसके साथ पूरे परिवार को भोगना पड़ता है।
योग गुरू श्री टांक ने नशे को जीवन का बहुत बड़ा अभिषाप बताते हुए परिवारों की खुशहाली तथा स्वय के जीवन को असमय मौत के मंुह में जाने से बचाने के लिये नशे से दूर रहने को कहा। टांक ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद सबसे ज्यादा ढाई-तीन साल की मासूम बच्चियां 75-80 साल की बुजुर्ग महिलाओं किशोरी बच्चियों, महिलाओं के साथ बलात्कार, गैंगरेप-हत्याएं आदि जो हो रही है। उसमें एक प्रमुख कारण शराब का नशा भी है। श्री टांक ने कहा कि नशा छुड़ाने में सबसे कारगर उपाय योग और आयुर्वेद को बताते हुए कहा जो नशे से उब चुके है, छोड़ना चाहते है परन्तु छोड़ नहीं पा रहे है उनके लिये घरेलू सरल उपाय है 2 लीटर पानी में 200 ग्राम अजवाईन को उबालकर आधा लीटर रहने पर उसे छानकर किसी कांच की बोतल में भर ले और भोजन से पहले 2 चम्मच साधारण पानी में मिलाकर पीने से नशे की लत छूट जायेगी।
टांक ने आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर देश भर में आयोजित गरिमामय अमृत महोत्सव को राष्ट्रीय महोत्सव बताते हुए कहा कि इस अमृत महोत्सव रूपी अमृत पान का आनन्द हम अच्छी प्रकार तभी उठ पायेंगे जब सम्पूर्ण राष्ट्र गांधीजी की पावन जयंती के अवसर पर नशा रूपी जहर को छोड़ने का संकल्प ले जो कि स्वयं गांधीजी चाहते थे।
ब्रह्मकुमारी हेमलता दीदी ने कहा परिवार में एक व्यक्ति के नशे से सम्पूर्ण परिवार बर्बाद हो जाता है। समस्त बुराईयों की जड़ नशा है इसलिये समाज परिवार और स्वयं के भले के लिये नशे को हमेशा के लिये जीवन से दूर करने में ही भला है।
महाराणा प्रताप बस स्टेण्ड के पश्चात् अयोध्या बस्ती में जाकर नशे से दूर रहने के लिये समझाईश दी गई। नशा मुक्ति के पर्चे भी बांटे गये। नारकोटिक्स विंग के इस प्रयास पर बस्ती की महिलाओं ने खुशी जाहिर की।
उपस्थित रहे- सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम तंवर, अजीजुल्लाह खान, टी.आई. हरीश सोलंकी, टी.आई. के.एस. परते, टी.आई. संजय उईके, एसआई हेमेन्द्र जोशी, हेड कांस्टेबल महेश शर्मा, हेड कांस्टेबल रूपेश शर्मा, कांस्टेबल नरेन्द्रसिंह सिसौदिया, कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह चौहान आदि।