नशीलें पदार्थों की पुड़िया बनाकर बेचने वाले आरोपी को न्यायालय ने दी 15 वर्ष कठोर कारावास 

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / उज्जैन २७ फरवरी ;अभी तक;  न्यायालय विशेष न्यायाधीश श्रीमान राजेन्द्र देवड़ा,  (विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. एक्ट) उज्जैन के द्वारा मकबूल खॉ पिता याकूब खा, निवासी- नगारचीबाखल, जिला उज्जैन को धारा 8/22 (ग) एनडीपीएस एक्ट में 15 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 25 में 3 वर्ष एवं  कुल 2,16,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
                   उप-संचालक (अभियोजन)/पैरवीकर्ता डॉ. साकेत व्यास ने अभियोजन की घटना अनुसार बताया कि दिनांक 03.08.14 को थाना खाराकुआं के थाना प्रभारी निरीक्षक एम परिहार को सुचना प्राप्त हुई कि एटलस चौराहे के पास वाला मकबूल नशे की पुडिया बेचने का अवैध कार्य करता है। उक्त सुचनाा थाना प्रभारी नानाखेडा द्वारा प्रदान की गई उन्होने बताया कि मकबुल  उसके घर के आसपास के रास्तो पर अपने आदिमयो को लगा कर उनके माध्यम से घर के दरवाजे अंदर से बंद कर बाहर से ताला लगाकर खिडकी के रास्ते से डोरी डालकर नशे की पुडिया बेचता है एवं अपने घर में अवैध हथियार भी रखे हुए है तत्काल कार्यवाही की जाए तो नशे की पुडिया एवं  अवैध हथियार पकडा सकते है।
सूचना पर थाना प्रभारी एम. परिहार मय फोर्स रवाना होकर एटलस चौराहा पहुंचे तथा पैदल नगारचीबााखल गंदे नाले के पास मकबूल के घर पहुचे, मकान की घेराबंदी की उसका मकान का दरवाजा अंदर से बंद था । मकबूल के नाम से आवाज लगाने पर उसने दरवाजा खोला नाम पता पूछने पर उसके द्वारा अपना नाम मकबूल बताया। उसे मुखबिर की सूचना से अवगत कराया। मकबूल द्वारा अपने मकान एंव स्वयं उसकी तलाशी देने की सहमति पुलिस को प्रदान की । थाना प्रभारी द्वारा  विधिवत आरोपी के मकान की तलाशी ली गई, उसके मकान की उपरी मंजिल पर लगे पलंग पर 400 पुडिया संदिग्ध मादक पदार्थ की मिली तथा नगदी 5,78,000/- रू मिलें तथा एक अन्य कमरे मंे कपड़े रखने की अलमारी के भीतर बने चोर दरवाजे के अन्दर बनी जगह मे से एक केैफीन आई जी एस हाईटुस का लेबल लगा पुष्टे का ड्रम मिला जिसमें सफेद रंग का पावडर मिला जिसे आरोपी मकबूल ने केफीन पावडर होेना बताया । कमरे में प्लास्टीक की एक सफेद बोरी में पैरासीटामाल आई.जी. छपी मिली , जिसके अंदर सफेद पावडर भरा मिला, जिसे मकबुल ने पैरासीटमाल का पावडर होना बताया। उसी के पास एक अन्य पुष्टे के खौके में सफेद पॉलीथीन की थैली के अन्दर सफेद रंग का पाउडर मिला जिसे मकबूल ने एल्प्राजोलम नशीली नींद की दवा का पाउडर होना बताया। मकबूल ने बताया कि कैफीन, पैरासीटामाल एल्प्रोजोलम के पाउडर को मिलाकर घर में ही नशीली दवा की पुडिया बनाता है।  कमरे के अन्दर ही फु्रटी छपी हुई पॉलेथील के तीन रोल व तीन आयरन पैंकिग तथा तीन नंगी धारदार तलवारे व एक धारदार बडा चाकू एवं एक धारादार बक्का, दोे देशी पिस्टल, दो देशी कट्टे, 315 बोर के 30 राउण्ड, 12 बोर के दो राउण्ड, 27 राउण्ड पिस्टल के जिसके पेदे पर 7.65 अंकित है, 08 राउण्ड 32 बोर के तथा खिडकी के पास रखी एक पोलीथीन की बनी डोलची जिसमें लंबा काले रंग का धागा की डोरी बंधी हुई, एक छोटा तराजू, दो छोटी तांबे की चम्मचें मिली। किचन के पास के कमरे में रखी अलमारी में से सोने की ज्वेलरी, चार मोबाईल मिले। नशीले पदार्थों में से विधिवत सेम्पल निकालकर उन्हे विधिवत जप्त किया गया। सेम्पल को विधिवत जप्त किया गया। अवैध हथियार को विधिवत जप्त किया गया। आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्ध थाना खॉराकुआ पर 8/22 एनडीपीएस एक्ट में अपराध पंजीबद्ध कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। आवश्यक अनुसंधान पश्चात् न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
दण्ड के प्रश्नः- दण्ड के प्रश्न पर आरोपी द्वारा उसके प्रति सहानुभूति पूर्वक विचार कर कम से कम दण्ड दिये जाने का  निवेदन किया गया। अभियोजन अधिकारी द्वारा तर्क किये कि अभियुक्त द्वारा नशीलें पदार्थों की बड़ी मात्रा अपने कब्जे में रखी गई है तथा सुव्यवस्थित तरीके से उनकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर विक्रय करता था। आरोपी के द्वारा समाज के कई लोंगो को नशे की दुनिया मंे धकेला गया है। आरोपी के द्वारा नवयुवकों को नशे की आदत डालकर उनका जीवन बर्बाद कर दिया है। अभियुक्त को अधिकतम दण्ड से दण्डित किये जाने का अनुरोध किया गया।
न्यायालय की टिप्पणी:- आरोपी के कब्जे में व्यवसायिक मात्रा में मादक पदार्थ अभिग्रहित हुआ है ऐसी स्थिति में उसकी सजा में अधिक उदारता बरती जाना न्यायोचित नहीं है अभियुक्त से जप्त पदार्थ की मात्रा तथा उससे समाज पर ऐसे अपराध से पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभाव व अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उसे समुचित दण्ड से दण्डित किया जाना  उचित है। अपराध की प्रकृति, गंभीरता तथा आरोपी से जप्त मादक पदार्थ की मात्रा तथा समाज पर ऐसे अपराध से पडने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुये एवं इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उदद्ेश्य को ध्यान में रखते हुये आरोपी को समुचित दण्ड से दण्डित किया जाना भी आवश्यक है।
न्यायालय द्वारा  अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया है।
प्रकरण में शासन की ओर से संचालन डॉ0 साकेत व्यास, उप-संचालक उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।

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