नांदेड प्रशासन के सहयोग से बालाघाट के 18 बंधक श्रमिकों को मुक्त कराया गया

3:57 pm or December 29, 2021
आनंद ताम्रकार
बालाघाट २९ दिसंबर ;अभी तक;  जिले के आदिवासी बाहुल्य बिरसा विकासखंड के ग्राम समनापुर में निवासरत 18 बैगा आदिवासी ग्रामीणों को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक ठेकेदार द्वारा ले जाकर उन्हें ज्यादा मजदूरी का लालच दिया जहां उनसे बंधक बनाकर गन्ना कटाई का कार्य कराया जा रहा था।
इस संबंध में कलेक्टर श्री गिरीश मिश्रा को जानकारी मिलने पर उन्हें त्वरित बंधक मुक्त कराये जाने और उन्हें बालाघाट वापस लाने हेतु तत्परतापूर्वक कदम उठाये गये।
             बालाघाट से पुलिस अधिकारियों का दल भेजकर नांदेड के प्रशासन से सहयोग प्राप्त कर इन श्रमिकों को मुक्त कराया गया है और उन्हें बस द्वारा बालाघाट लाया जा रहा है।
             कलेक्टर श्री गिरीश मिश्रा ने अवगत कराया की इन ग्रामीण बैगा आदिवासियों को प्रलोभन देकर नांदेड ले जाने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही है।
                यह उल्लेखनीय है की बैहर एसडीएम श्री तनमय वशिष्ठ षर्मा को बिरसा तहसील के ग्राम समनापुर निवासी विशेष पिछडी जनजाति बैगा लोगों को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में बंधक बनाकर गन्ना कटाई के कार्य में लगाया है तथा उन्हें मजदूरी का भुगतान नही करने भोजन ना देने और उन्हें बालाघाट वापिस लौटने मांग करने पर मारपीट की जाने की शिकायत की गई है। इस पर उन्होंने कलेक्टर को अवगत कराया इन श्रमिकों को लेने बालाघाट से पुलिस अधिकारियों को दल वाहन सहित नांदेड रवाना किया गया। जिसने नांदेड पहुंचकर तहसीलदार एवं अधिकारियों के सहयोग से बंधक बनाये गये श्रमिकों को मुक्त कराया।
               बांधा टोला ग्राम समनापुर तहसील बिरसा के 18 व्यक्ति जिसमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल है उन्हें 2 दिसंबर 2021 को ठेकेदार गणेश राठौर के द्वारा गन्ना कटाई के लिये नादेड ले जाया गया था नांदेड़ जिले के ग्राम सुनसुली तहसील लोहा में मजदूर नियोजक गोविंद राठौर और गणेश राठौर के यहां बंधक बनाकर रखे गये थे।
                 प्रशासन द्वारा सक्रिय होने पर ठेकेदार और मजदूरों के मोबाइल फोन बंद कर दिये गये थे। जिसके कारण अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बैहर श्री आदित्य मिश्रा द्वारा इनकी मोबाइल टावर की लोकेशन ली गई जिसमें कपसी जिला नांदेड होना पाया गया।18 मजदूरों को 4 एवं 14 मजदूरों को अलग अलग स्थानों पर भेजा गया था।
                नांदेड के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अर्चित चांडक के नेतृत्व में ठेकेदारों की खोजबीन कर वहां कार्यरत मजदूरों को पुलिस चौकी मुखेड जिला नांदेड लाया गया इन 18 मजदूरों में 4 बाल मजदूर पाये गये है। इस संबंध में बंधक श्रम पद्धति उत्सादन अधिनियम 1976 की धारा 10 एवं बाल श्रम प्रतिषेध और विनियमन अधिनियम 1986 के अंतर्गत नांदेड महाराष्ट्र पुलिस प्रशासन द्वारा वैधानिक कार्यवाही की प्रक्रिया की जा रही है।
बंधक बनाए गए ये मजदूर आज 29 दिसंबर को देर शाम तक बालाघाट पहुंचने की संभावना है।
                 यह उल्लेखनीय है की जिले में बैगा परिवार रोजगार और व्यवसाय के अभाव में आर्थिक प्रलोभन में फंसकर प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर पलायन करने के लिये मजबूर रहते है। इस पर अंकुश लगाने के लिये जिला प्रशासन द्वारा हमर सम्मान के अंतर्गत योजना चलाकर उन्हें लाभ पहुंचाया जा रहा है।