नाबालिक से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी लालबाबू को बीस वर्ष का कठोर कारावास

8:46 pm or September 30, 2022

दीपक शर्मा

पन्ना ३० सितम्बर ;अभी तक; नाबालिक बालिका के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी लालबाबू गोड को विशेष न्यायधीश आर पी सोनकर की न्यायालय द्वारा बीस वर्ष की सजा से दण्डित किया गया है।

सहायक लोक अभियोजन अधिकारी, ने बताया कि अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि, दिनांक 05.02.2020 को अभियोक्त्री की मां ने थाना बृजपुर में उपस्थित होकर इस आशय का लिखित आवेदन पेश किया कि सबसे बड़ी बच्ची, अभियोक्त्री है जो करीबन 16 वर्ष की है। परसों उसकी लड़की अभियोक्त्री बाजार गई थी, वह घर पर थी फिर जब शाम को उसकी लड़की घर नहीं आई तो पता करने पर उसका कोई पता नहीं चला। उसने सोचा कि हो सकता है फुआ के यहां चली गई होगी फिर मंगलवार फुआ के यहां जाकर पता किया वहां भी कोई पता नही चला। वापस आने पर पूछा कि कहां गई थी तो अभियोक्त्री ने बताया कि बाजार के दिन लालबाबू गौड़ मिला था जो उसको बोला कि उसके साथ चलो दोनों शादी कर लेंगे, उसने कहा तुम्हारी शादी हो गई है तो बोला उसको छोड़ देना है वह ससुराल नहीं जाती है उसे बहला फुसलाकर शादी करने का कहकर ले गया था रात्रि में रास्ते में उसके साथ गलत काम भी किया था तथा बोला मुझे तेरे साथ शादी नहीं करना है, उसके साथ दो तीन बार गलत काम किया है। यह बात उसने अपने पति को बताया, लड़की नाबालिग है, जिसे लालबाबू बहला फुसलाकर भगा ले गया था।

अभियोक्त्री की मां के उक्त लिखित शिकायत के आधार पर थाना बृजपुर के अपराध कमांक-37/2020, धारा-363, 366ए, 376 (2) (एन), 376(3), 342 भा.द.स. एवं धारा-3/4, 5 (एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के उपरांत अभियोग-पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण का विचारण, न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) पन्ना के न्यायालय मे हुआ।

विशेष लोक अभियोजक/सहा0जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना द्वारा शासन का पक्ष रखते हुये साक्षियों की साक्ष्य को विन्दुवार तरीके से न्यायालय के समक्ष लेखबद्ध कराकर आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया तथा आरोपी के कृत्य को गंभीरतम श्रेणी का अपराध मानते हुये माननीय न्यायालय से अधिकतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया। जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा अभिलेख पर आई साक्ष्यों, अभियोजन के तर्को तथा न्यायिक-दृष्टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्त-लालबाबू गौड को धारा 363, 366ए, 342 भादवि एवं 5एल/6 लै.अप.से बा.का सं. अधि.2012 के आरोप में क्रमशः 03 वर्ष, 05 वर्ष, 03 माह एवं 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं जुर्माना क्रमशः 500 रू, 2000रू, 500रू एवं 5000 रू. के अर्थदण्ड से एवं अर्थदण्ड के व्यतिक्रम पर क्रमशः 01 माह, 03 माह, 15 दिवस एवं 06 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास से दंडित किया गया।
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