नाबालिग का व्यपहरण करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा

5:51 pm or October 19, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल १९ अक्टूबर ;अभी तक;  एक नाबालिग का व्यपहरण करने के मामले में विशेष न्यायाधीश, अनन्य विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट 2012 ने आरोपी  पंकज उर्फ पंकेश उईके उम्र 21 वर्ष, पिता बीरेलाल उईके, निवासी वन ग्राम ठेसका, थाना आठनेर, जिला बैतूल (म.प्र.) को धारा 363 भा.द.सं. में दोषी पाते हुये 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रूपये जुर्माना से दंडित किया गया। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी, विशेष लोक अभियोजक एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी ने की।

प्रकरण के विषय में अभियोजन ने बताया कि पीडि़ता की मां ने 11 मार्च 2022 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी 9 मार्च 2022 को स्कूल जाने का कहकर गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। उसने सभी रिश्तेदारों के घर तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली, बैतूल द्वारा गुमशुदगी दर्ज कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। विवेचना के दौरान दिनांक 25 मार्च 2022 को पीडि़ता को दस्तयाब किया गया तथा उसे उसकी माता को सुपुर्दगी पर दिया गया। पीडि़ता के कथन लेखबद्ध किये गये, जिसमें उसने बताया कि आरोपी पंकेश उर्फ पंकज ने उसे जबरदस्ती इटारसी एवं पूणे बहकाकर व्यपहरण कर ले गया था।  आवश्यक अनुसंधान पूर्णकर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय अनन्य विशेष न्यायालय(पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से प्रमाणित किया जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को दंडित किया गया।