नाबालिग बच्‍चे का अपहरण  करने वाले आरोपी को हुआ  03 वर्ष सश्रम कारावास   

विधिक संवाददाता
इंदौर १७ सितम्बर ;अभी तक;  जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्‍तव ने बताया कि न्‍यायालय- श्री शहाबुद्दीन हाशमी सत्‍ताईसवें अपर सत्र न्‍यायाधीश, जिला इंदौर के न्‍यायालय में थाना अन्‍नपूर्णा के अपराध क्रमांक 866/14, सत्र प्रकरण क्रमांक 106/15, में निर्णय पारित करते हुए आरोपी दीपक पिता गणेश देशपाण्‍डे सिंह उम्र 63 वर्ष  निवासी – ग्राम श्‍यामगढ़ जिला मंदसौर हाल मु- 229, लोकमान्‍य नगर  जिला इंदौर को दोषी पाते हुए धारा 363 भादवि  में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्‍ड , धारा 365 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्‍ड तथा धारा 323 भादवि में 03 माह का सश्रम कारावास एवं 200 रूपये अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया ।  जबकि अर्थदण्‍ड के व्‍यतिक्रम में दी गयी सजायें पृथक पृथक भुगताया जाने का आदेश दिया गया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी श्री गोकुलसिंह सिसोदिया अभियोजक द्वारा की गई ।
               अभियोजन की ओर से श्री गोकुलसिंह सिसोदिया अभियोजक द्वारा तर्क किया गया व उपधारणा के संबंध में ध्‍यान आकर्षित कराते हुए निवेदन किया कि अभियुक्‍त के द्वारा फरियादी के नाबालिग भांजे देवांश को बहला फुसलाकर ले जाने एवं उसके साथ मारपीट कर चोट पहॅुचाई गई है जो कि गंभीरतम अपराध की श्रेणी मे है इसलिए अभियुक्‍त को कठोरतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। न्‍यायालय द्वारा अपने निर्णय में यह लेख किया है ।
                 अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 23.11.2014  को फरियादी आशीष गोयल ने अपने जीजा गोपाल मित्‍तल के साथ आरक्षी केन्‍द्र अन्‍नपूर्णा पर आकर रिपोर्ट लिखाई कि फरियादी की बहन अश्विनी मित्‍तल लोकमान्‍य नगर में रहती है और दीपक देशपाण्‍डे जो पशु चिकित्‍सालय इंदौर में चौकीदार है के यहॉ खाना बनाती है । दीपक अकेला मकान में रहता है और फरियादी की बहन पर बुरी नीयत रखता है । फरियादी द्वारा यह भी आरोप लगया गया है कि रिपोर्ट दिनांक को फरियादी का भांजा देवांश मित्‍तल घर से गायब था तो फरियादी देवांश को ढूंढ रहे थे, जब फरियादी आर0टी0ओ0 रोड चम्‍पा बावडी के पास पहूंचा तो फरियादी का भांजा देवांश महू नाका की तरफ से पैदल आता हुआ दिखा और जैसे ही उसके पास पहूंचा तो वह फरियादी से लिपटकर रोने लगा , उसने बताया कि उसे लोकमान्‍य नगर रेलवे स्‍टेशन के गार्डन से दीपक देशपांडे (अंकल) आये और उसे कुछ दिलाने के लिये बहला-फुसलाकर ले गया और समोसा दिलवाया और फिर उसे साथ में ले जाकर पशु चिकित्‍सालय ले गया और वहॉ पर उसे ऑफिस के कमरे में कुर्सी पर बिठाकर एक डण्‍डे से मारना शुरू कर दिया जिससे उसे सिर में, कान में और दाहिने हाथ के पंजे में तथा घूटने में चोंटे आयी और उसे अस्‍पताल के एक गढ्ढे में जहॉ फर्शी पडी थी, वहा फेंक दिया और फर्शी को ऊपर से ढॅक दिया और वहॉ से चला गया, तब वह वहॉ से धीरे से निकल कर पैदल – पैदल महू नाका होता हुए अपने घर के लिए आर0टी0ओ0 रोड होता हुआ आया जहॉ उसे फरियादी मिला । मर्ग जॉच में लेकर दीपक पिता गणेश देशपाण्‍डे सिंह उम्र 63 वर्ष के विरूद्ध अपराध क्र. 866/14 धारा 363, 365 एवं 323 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया था । बाद विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्‍यायालय के समक्ष पेश किया गया।