नाबालिग लडकी शील भंग करने वाले आरोपीगण को सश्रम कारावास एवं अर्थदण्‍ड से किया दण्डित

विधिक संवाददाता 

सीहोर १३ सितम्बर ;अभी तक; न्‍यायालय प्रथम सत्र न्‍यायाधीश श्री सुरेश कुमार चौबे आष्‍टा, सीहोर के द्वारा अभियुक्‍तगण पंकज बामनिया पिता गोवर्धन बामनिया नि. ग्राम कजलास, जावर तह. आष्‍टा जिला- सीहोर को धारा 354 भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए सश्रम कारावास व अर्थदण्‍ड से दण्डित किया।

अति0 जिला अभियोजन अधिकारी, देवेन्‍द्र सिंह ठाकुर द्वारा बताया गया कि 23/03/2019 को फरियादी/अभियोक्‍त्री द्वारा थाने में उपस्थित होकर सूचना दी कि दिनांक 22/03/2019 को शाम करीबन 07.30 बजेवह अपनी मम्‍मी संगीता के साथ बाहर घर के पास कब्रिस्‍तान गई थी कि वहीं आरोपी पंकज आ गया और उसका सीधा हाथ पकड़ते हुए बोला कि तू मेरे साथ चल। फरियादिया ने अपना हाथ छुड़ाकर मम्‍मी की तरफ भागी तो आरोपी उसका पीछा करते हुए आ गया। यसह घटना फरियादिया ने अपने चाचा को बताई तो तब उसके चाचा के डर से आरोपी वहां से भाग गया। अभियोक्‍त्री की उक्‍त रिपोर्ट पर से थाना आष्‍टा में अपराध क्रमांक 88/19 पंजबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। दौराने विवेचना पीडिता के कथन न्‍यायालय के समक्ष कराए गए एवं अभियुक्‍त को गिरफ्तार कर सम्‍पूर्ण विवेचना उपरोत अभियुक्‍त के विरूद्ध धारा 354 भा‍दवि एवं धारा 7/8 पॉक्‍सो एक्‍ट के अंतर्गत माननीय न्‍यायलय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया।

 

माननीय न्‍यायालय प्रथम अपर सत्र न्‍यायाधीश श्री सुरेश कुमार चौबे आष्‍टा, जिला- सीहोर के द्वारा अभियुक्‍त पंकज बामनिया को धारा 354 भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 01 वर्ष सश्रम कारावास व 2000/- रूपये अर्थदण्‍ड से दण्डित किया।

शासन की ओर से पैरवी श्री देवेन्‍द्र सिंह ठाकुर, अति0 जिला अभियोजन अधिकारी, आष्‍टा, सीहोर द्वारा की गई।