नामजदगी के अंतिम  समय तक किसी ने पर्चा नहीं डठाया, 16 उम्मीदवार व नोटों के कारण दोहरी एवीएम मशीन लगेगी

मयंक भार्गव
खंडवा १३ अक्टूबर ;अभी तक; खंडवा लोकसभा उपचुनाव के मैदान में उतरे उम्मीदवारों में  किसान,
मजदूर और पूर्व विधायक के अलावा  डॉक्टर, वकील, आशा कार्यकर्ता से लेकर
प्राइवेट बैंक में वसूली एजेंट, टेलरिंग और ड्राइविंग करने वाले तक
उम्मीदवार हैं। नामवापसी दिवस कोई भी पर्चा वापस लेने आगे नहीं आया। नामांकल पर्चे जांच मे
जष्र एक उम्मीदवार का पर्चा निरस्त हो गया था। अब कुल 16 उम्मीदवार है,।
प्रूुख मुकाबाला भाजपा व कांग्रेस के बीच है। कोई निर्दलीय चुनाव परिणाम
को प्रभावित कर पाये इसके आसार कम है।
               एक मात्र महिला उम्मीदवार है।ये है ं मथुराबाई ( 41 ) है। मथुराबाई रोहणी
गांव से हैं। 10वीं तक पढ़ी मथुराबाई आशा कार्यकर्ता हैं। उनके पति
भगवानसिंह  रोहिणी ग्राम पंचायत में सरपंच  हैं।इसके साथ ही पीपुल्स
पार्टी के भोजराज छठवीं पास है, जो कपड़ा सिलाई करते हैं।
               वंचित बहुजन पार्टी के रफीक मोहम्मद 10वीं तक पढ़े हैं, कपड़ा व्यवसायी हैं।
र्निाचन कार्याललय से मिली जानकारी के आधार पर बुधवार को उम्मीदवारों की
नाम वापसी का आखिरी दिन था, लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवार
या निर्दलीय ने नामांकन वापस नहीं लिया। यह सभी उम्मीदवार अब चुनाव
लड़ेंगे। गुरूवार को  इन्हें चुनाव चिन्ह अलॉट किया जाएगा। उपचुनाव में 17
लोगों ने नामांकन फार्म जमा कराए थे।
0 ये है उम्मीदवारों
कांग्रेस – राजनारायणसिंह पुरनी (पुनासा), बीजेपी- – ज्ञानेश्वर पाटिल
(बुरहानपुर), निर्दलीय गोपालसिंह सोलंकी – ( सनावद ), दारासिंह ( खंडवा),
शेख जाकिर (खंडवा), हरेसिंह ( बड़वाह), मथुराबाई भगवानसिंह (खंडवा),
भोजराज (नेपानगर), चेतनकुमार (भीकनगांव), परीक्षितसिंह चैहान (खंडवा),
विपिनकुमार सोनी (खंडवा), जहीर उद्दीन ( बुरहानपुर), विजय सालवे (
बुरहानपुर), सैय्यद रफीक ( बुरहानपुर), रामगोपाल (इंदौर), संगमलाल
द्विवेदी (इंदौर) है।
इनमेें रमेशकुमार सोनी 12वीं तक पढ़े है, जो कि योग केंद्र चलाते हैं
चेतन राठौर आईटीआई डिप्लोमा कर सोलर एनर्जी पर काम करते हैं।घ्घ्घ्घ्घ्घ्घ्
घ्घ्घ्घ्घ्घ्बड़वाह के हरेसिंह मंशाराम पेशे से डॉक्टर हैं।
इंदौर के 12वीं पास चंपालाल वाहन चालक हैं।घ्घ्घ्घ्घ्घ्घ्
बुरहानपुर के जहीर उद्दीन वकील हैं।घ्घ्घ्घ्घ्घ्घ्
दारासिंह, नौवीं तक पढ़े हैं, जो खेती करते हैं।

 

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