नारायण पटेल पर दलबदल के बाद मिला जनविश्वास: 22 हजार से अधिक वोटो से जीतं

मयंक शर्मा

खंडवा १० नवंबर ;अभी तक; जिले की मांधाता विस सीट पर भााजपा प्रत्याश्ीी नाराण पटेल ने 22581 मतो की बढत के साथ अपना कब्ज़ा  बरेकरार रखा है । श्री पटेल के दलबदल के साथ सीट का कब्जा भी कांग्रेस पलायन भाजपा खाते में हो गया है। उपचुनाव में मांधाता सीट के साथ जिले की चारो विस सीटो पर भााजपा का कब्जा हो गया है।

इस सीट पर परपरा रही कि राणा रधुराजसिंह 4 बार विधायक रहे और विरासत उनके पुत्र लोकेन्द्रसिंह को मिली और दो बार विधायक चुने गये। यहीं समीकरण को आगे बढाने के लिये तीन बार कांग्रेस से विधायक बने ठा राजनारायासिंह ने उपचुनाव में अपने पुत्र उत्तमपालसिह को उम्मीदवार बनवाया लेकिन हटवादिता कर टिकट तो दिला गये लेकिन विजयश्री नहीं दिला पाये।उनके पुत्र को राजनैतिक विरासत देने में मतदाता  नकार गये और वे चुनाव हार गये।

293 मत केंद्रों में ं पहले राउण्ड से  कांग्रेस  पिछडी और अंत तक इसी राह पर रही।  21 राउंड में मतगणना पूरी हुई और भाजपा निरंतर बढत कायम रखते हुये प्रत्याशी  नाराायण पटेल 22581 वोटो से विजयी घोशित किये गये।

मांधाता के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी नारायण पटेल एवं कांग्रेस प्रत्याशी उत्तम पाल सिंह सहित कुल 8 दावेदारों मैदान में थे। दलबदल के बाद भाजपा प्रत्याशी नारायण पटेल ने भाजपा संगठन एवं सरकार के भरोसे चुनाव लड़ा तो कांग्रेश प्रत्याशी उत्तम पाल सिंह ने प्रतिद्वदंी प्रत्याशी को निशाने पर रखतेे हुये बिकाऊ एवं पार्टी के साथ गद्दारी को मुद्दा बनाया जो काम नहीं आया।
ओंकारेश्वर राजघराने परिवार के जितेंद्र सिंह चैहान निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में लेकिन वे भी अपनी जमानत नहीं बचा सके। े।
मतगणना जिला मुख्यालयं  के डाइट कॉलेज परिसर में सम्पन्न् हुई। मतणगना स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। क्यूआरएफ, सीआरपीएफ, इंदौर 34 बीएन बटालियन के जवान और जिले के सभी थानों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। सुरक्षा बतौर करीब 400 पुलिसकर्मी और पैरामिलेट्री फोर्स के जवानों की ड्यूटी लगाई गई।
शहर में भी  पांच कॉम्पेक्ट प्लाटून कहारवाड़ी, जलेबी चैक, बड़ाबम, इमलीपुरा और शनि मंदिर पर तैनात रखे गये।
ृृ मांधाता क्षेत्र के एक लाख 96 हजार 986 मतदाताओं में से एक लाख 50 हजार 28 मतदाताओं ने मतदान किया है। इनमें 79494 पुरुष तथा 70532 महिला मतदाता शामिल थें।  यहां सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा में था। जनचर्चा के केन्द्र में रहा कि ै किसकी मनेगी दिवाली, कौन जाएगा 3 साल के लिए राजनीतिक वनवास । नतीजंे में मंगलवार को ही भाजपा की दीवाली मना दी है। जीत को लेकर भाजपा ने विजय जूलूस निकाला औा मिठााई बांटी।
नारायण पटेल ने अपनी जीत को जनता की जीत बताया औा कहा कि यह जनता का ही उनपर भरोसा है कि शानदार जीत का सेहरा उन्हें पहनाया है और इस भरोसे पर वे खरा उतरने और सीएम ?िावराजसिंह के नेतृत्व में क्षेत्र विकास के लिये पूरी तरह समर्पित रहेगे।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार 1962 से अब तक का यह सबसे हाईटेक चुनाव माना गयां। कांग्रेय  का गणित गड़बड़ा गया ओर एक बार  फिर चुनाव परिणाम में बेक फुट पर खडी है।
जहा तक मांधाता सीट का सवाल है 1962 से 2020 तक कुल एक उपचुनाव सहित 14 बार चुनाव हुए। जिसमें 8 बार भाजपा व पांच बार कांग्रेस व एक बसा निर्दलीय ने  चुनाव जीता।

मांधाता क्षेत्र में रहे विधायक एक नजर में
वष्र विधायक पार्टी
1962 से 1967 राव भीमसिंह भामगढ़ निर्दलीय
1967 से 1972 राधाकिशन भगत जनसंघ
1972 से 1977 रघुनाथराव मंडलोई कांग्रेस
1977 से 1980 राणा रघुराज सिंह तोमर जनता पार्टी
1980 से 1985 राणा रघुराज सिंह तोमर भाजपा
1985 से 1990 राजनारायण सिंह कांग्रेस
1990 से 93 राणा रघुराज सिंह तोमर भाजपा
1993 से 98 राणा रघुराज सिंह तोमर भाजपा
1998-2003 राजनारायण सिंह कांग्रेस
2003-2008 राजनारायण सिंह कांग्रेस
2008-2013 लोकेंद्रसिंह तोमर भाजपा
2013-2018 लोकेंद्रसिंह तोमर भाजपा
2018 2020 नारायण पटेल कांग्रेस
2020 (उपचुनाव) नारायण पटेल भाजप

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