निजी संस्थाओं के माध्यम से गुणवत्ता निरीक्षकों की नियुक्ति! फर्जीवाड़े की आशंका?

आनंद ताम्रकार
 बालाघाट २ सितम्बर ;अभी तक;  प्रदेश शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड में गत वर्ष 400 करोड़ रूपये के पशु आहार तुल्य अमानक स्तर का चांवल कस्टम मिंलिग के माध्यम से खरीदी कर करोडों रूपयों की कमीशनबाजी करने वाले आलाअफसरों द्वारा किये जाने वाले भ्रष्ट कारनामों का सिलसिला अनवरत जारी है। वरिष्ट अधिकारियों द्वारा विभिन्न पदों पर निजी संस्थाओं के माध्यम से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी और अपने चहेते लोगों को विभिन्न पदों पर भर्ती किया जा रहा है।
             ऐसा ही एक मामला गत वर्ष भोपाल स्थित चूना भट्टी कोलार इलाके में स्थित एक निजी संस्था के माध्यम से गुणवत्ता निरीक्षकों की नियुक्ति की गई थी। ऐसी ही नियुक्तियों का सिलसिला अभी भी जारी है। जिसमें लम्बी रकम लेकर निजी संस्थाओं के माध्यम से गुणवत्ता निरीक्षकों के पद पर भर्ती कर लिया गया है।
              बालाघाट जिले में आर बी एसोसिएट्स नामक एक संस्था जो सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति करने का कार्य करती है उसके द्वारा कस्टम मिलिंग चावल की गुणवत्ता परीक्षण करने के लिये 6 लोगों को नियुक्त कर दिया गया है।
               अधिकृत जानकारी के अनुसार गुणवत्ता निरीक्षक मोहम्मद शकील वारासिवनी, उपेन्द्र सिंह लालबर्रा, आकाश गिरी गोस्वामी कटंगी, रामबाबू लांजी, मंजूर अहमद खान बैहर तथा अनीत यादव बालाघाट में पदस्थ कर दिया गया है।
              प्राप्त जानकारी के अनुसार पदस्थ किये गये इन गुणवत्ता निरीक्षकों को सीएमआर के गुणवत्ता निरीक्षण कार्य का कोई पूर्व अनुभव नहीं है।
इतना ही नही इन्हें गुणवत्ता निरीक्षण कार्य का प्रशिक्षण देने के लिये भारतीय खादय निगम से सेवानिवृत्त हो चुके वरिष्ट गुणवत्ता निरीक्षक श्री सोलंकी को भी इसी निजी संस्था के माध्यम से नियुक्ति दी गई है।
              सरकारी अथवा अर्ध सरकारी उपक्रमों में निजी संस्थाओं के माध्यम से इस तरह की नियुक्तियां किये जाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिये सरकारी उपक्रमों में इस तरह की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगना चाहिये।
              नागरिक आपूर्ति निगम में महाप्रबंधक गुणवत्ता निरीक्षण द्वारा की गई गुणवत्ता निरीक्षकों की नियुक्ति को रद्द किया जाये तथा इसके पूर्व की गई ऐसी नियुक्ति की जांच की जाए तथा नियम विरूद्ध कार्य करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये।