निमाड के दीपक (नंदू भैयया) का पार्थिव शरीर पंचततव में विलीन

मयंक शर्मा

खंडवा ३ मार्च ;अभी तक;  संविधान के  124 संशोधन के माध्यम से संसद में सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के बिल पर बहस में हिस्सा लेते हुय ( 8 जनवरी 2019 को) ं सांसद नंदकुमारसिंह चैहान को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बोलने का मौका दिया तो संसद में उनके संबोधन समापन के  आखिरी  (सलाम) ं बोल थें — मैं दीपक हूं मेरी दुश्मनी सिर्फ अंधेरे से है, हवा तो बेवजह खिलाफ है.., हवा से कह दो खुद को आजमा के दिखाएं, बहुत दीपक बुझाती है एक जला के दिखाएं.।

उनका यह उदबोधन उनके पार्थिव शरीर को बुधवार को पंच तत्व में विलिन के साथ उनका अवसान  निमाड के पूर्वी अचंल को शून्यता भरी राजनीति के लिये उनकी सार्थकता कडी चुनौती दे गयी है । उनकी दिली इच्छा के अनुरूप दिवंगत नेता नंदकुमार सिंह चैहान को बुधवार दोपहर करीब 2.40 बजे बजे उनका अंतिम संस्कार शाहपुर स्थित उनके खेत में कर दिया गया। करीब तीन एकड़ के इस खेत में केला और चने की फसल बोई गई थी। यह फसल अभी पूर तरह पक भी नहीं पाई थी। अंतिम संस्कार और इसमें जुटने वाली भीड़ को देखते हुए परिवारजनों ने मंगलवार को मजदूर लगाकर पूरी फसल कटवा दी। जानकारी के मुताबिक स्व. नंदकुमार सिंह चैहान ने इच्छा जताई थी कि उनकी देह को पैतृक भूमि में ही पंचतत्वों में विलीन किया जाए। खेत पर अंतिम संस्कार के लिए ऊंचा अंत्येष्टी स्थल तैयार किया गया था।ै। उनके  जय निवास से शाहपुर नगर के मुख्य चैराहों से होते हुए शव यात्रा उन्ही के खेत में पहुंची जहां  मुखाग्नि बड़े बेटे हर्षवर्धन सिंह चैहान ने दी,।बुधवार को शाहपुर नगर लगभग सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।व्यापारियों का कहना था कि उन्होंने अपने लाडले नेता को खो दिया है। सांसद के गृहग्राम शाहपुर में दूसरे दिन भी कफ्र्यू जैसा नजारा रहा।

निमाड़ के कद्दावर नेता व सांसद नंदकुमार सिंह चैहान की शवयात्रा में सीएम शिवराज सिंह चैहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर,व  कई भाजपा नेता शामिल हुए।विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम हेलिकॉप्टर से बुधवार सुबह खंडवा पहुंचे।  उनके साथ मंत्री संजय पाठक, रामपाल सिंह और गोपाल भार्गव भी साथ थे।यहां से वे कार से शाहपुर गये। केन्द्री मंत्री नरेन्द्र सिह तोमर भी मौजूद थे। सांसद के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी और मंत्रियों के खंडवा पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया था। मंत्री तुलसी सिलावट भोपाल से ट्रेन से खंडवा आये ै। यहां से वे कार से शाहपुर पहुंचे थे।
नंदकुमार सिंह चैहान की रविवार-सोमवार की रम्यिानी रात में  गुरूग्राम के मैदोला हास्पिटल में असामयिक निधन हो  गया। उनका  पार्थिव देह बुधवार अलसुबह उनके गृहग्राम शाहपुर पहुंचा थी ।

11 जनवरी 2021 को ओंकारेश्वर बांध के एनएचडीसी रेस्ट हाउस के बाहर मंत्री हरदीपसिंह डंग से बातचीत के दौरान उन्हें ं बुखार महसूस हुआ। उन्होंने कोरोना जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। चिरायु अस्पताल में उनके फेफड़ों में फैला संक्रमण, की रोकथाम न होने पर ल्लिी के मैंदोंला हास्पिटल गुरुग्राम शिफट किया गया जहां उन्होने अंतिम सांस ली। फेफड़ों में संक्रमण के कारण वेंटिलेटर पर थे। 2 मार्च अल सुबह  उन्हें मृत घोषित किया गया। निमाड़ सहित प्रदेश की मौजूदा राजनीति में सबसे मिलनसार और सहज व्यक्तित्व के रूप में सांसद चैहान को याद किया जाएगा।
कोराना महमारी के पसरने को देखते हुये  मंत्री विजय शाह ने बताया कि उनके साथ  सांसद नंदकुमारसिंह चैहान ने गत 13 सितम्बर कों ेस्थनीय  जिला अस्पताल में कोरोना की जांच कराई थी। उस वक्त चैहान की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। हालांकि तब तक सांसद के परिवार में चार लोग कोरोना पॉजिटिव आ चुके थे। इस वजह से उन दिनों मंाधता  एवं नेपानगर सीट पर जनसभाएं सहित अन्य कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। सांसद चैहान कोरोना वायरस संक्रमण के डर से खंडवा व बुरहानपुर में  अपने घर जाने की बजाय किसी समर्थाक अथवा सर्किट हाउस में रुक रहे थे। निगेटिव रिपोर्ट के चार महीने बाद दूसरी बार जांच में वे 11 जनवरी 2021 को कोरोना पॉजिटिव हो गए।
भोपाल के े चिरायु  हास्पिटल से उपचाररत श्री नंदू भैयाा को  5 फरवरी को दिल्ली शिफट किया गया।

निमाड़ की राजनीति के अज्ञातशत्रु माने जाने वाले नंदकुमारसिंह चैहान कोरोना माहमारी से ग्रसित होने के बाद विगत 1 माह से संर्घश के बाद बीती सोमवार की रात जिंदगी की जंग हार गये है। वे पिछले कई दिन से कोरोना पीड़ित थे। कुछ दिन भोपाल में इलाज हुआ और फिर दिल्ली ले जाया गया। 1 मार्च की देर रात उन्होंने दिल्ली के मंदोला हास्पिटल में अंतिम सांस ली ।खंडवा के मीडिया प्रभारी सुनील जैन ने बताया कि मंगलवार को  उनके शव को दिल्ली से भेापाल फिर उसी एयर सर्विस से  खंडवा लाया गया।यहां से सडक मार्ग से बुरहानपुर होते हुए एंबुलेंस से शाहपुर ले जाया गया । जहां उनके गृह ग्राम शाहपुर में बुधवार दोपहर 12 बजे  अंतिम संस्कार होगा। स्व.चैहान के आकस्मिक निधन के बाद राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यो ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया।

सहज सरल और अपनी वाणी को सदैव मीठा रखने वाले आम-ओ-खास में नंदू भईया के नाम से प्रसिद्ध खंडवा लोकसभा से सांसद व मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चैहान के निधन के समाचार ने निमाड सहित पूरे लोकसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता व आम आदमी स्तब्ध रह गए ।अपने वरिष्ट नेताओ से खबर की पुष्टि होने के बाद सोशल मीडिया पर श्रध्दाजंलि का दौर शुरू हुआ ।

नंदकुमारसिंह चैहान का जन्म बुरहानपुर जिले के शाहपुर नगर में 8 सितम्बर 1952 को हुआ था। प्रारम्भिक शिक्षा अपने गृहनगर शाहपुर में हुई । प्रारम्भिक शिक्षा के बाद सेवा सदन महाविद्यालय बुराहनपुर से पोस्ट गे्रजुएट एमए की डिग्री हासिल की। , नंदू भैय्या ने युवावस्था में अपने गृहनगर शाहपुर नगरपरिषद में पार्षद निर्वाचित होकर अपनी राजनीतिक यात्रा प्रारम्भ की । लगभग 45 वर्ष की राजनीतिक पारी में वे 2 मर्तबा शाहपुर नगरपरिषद के अध्यक्ष रहे। 3 बार शाहपुर के विधायक रहे तथा खंडवा लोकसभा क्षेत्र से 6 बार सांसद निर्वाचित होकर लोकसभा क्षेत्र की 8 विधानसभाओं का नेतृत्व किया।

सत्ता के साथ संगठन में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रदेश नेतृत्व ने उन्हे कुशल संगठक की भूमिका का निर्वहन करने हेतु प्रदेश अध्यक्ष की बागडौर सौंपी। नंदू भैय्या संगठन में प्रदेश के महामंत्री और  प्रदेशाध्यक्ष रह चुके है। उनके नेतृत्व में पूरे प्रदेश में पंचायत से लेकर संसदीय चुनाव में भाजपा का परचम लहराता रहा।

सीएम शिवराजसिंह चैहान के वे े बेहद करीबी माने जाते थे । प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि स्व.चैहान छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं को तवज्जों और पूरा मान सम्मान देते थे। , लम्बी राजनीतिक पारी व संगठन के उच्च पदो पर रहने के बावजूद जमीनी कार्यकर्ताओं व मतदाताओ की व्यक्तिगत पहचान रखने की उनकी शैली के कारण क्षेत्रीय जनता में खासे लोकप्रिय रहे ।वे साफ-सुथरी ईमानदार छवि के धनी थे। ऐसे विराट व्यक्तित्व का हमारे बीच से चले जाना बेहद दुखद है । क्षेत्र  विकास के लिये  500 करोड़ का मेडिकल कॉलेज हो या पूरे निमाड़ को हरित करने के लिए अरबों रूपए की उद्वहन सिंचाई योजना हो। केंद्रीय विद्यालय के साथ ही संगीत विद्यालय और तीन पुलिया पर तीन भुजाओं का पुल निर्माण हो उनके कार्यकाल की विशेष उपलब्ध्यिां रही।

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